क्या है 'मर्दानी 3' की खलनायिका अम्मा का असली चेहरा? मल्लिका प्रसाद ने किया खुलासा!
मर्दानी 3: मल्लिका प्रसाद का किरदार अम्मा
मुंबई, 1 फरवरी। बॉक्स ऑफिस पर 'मर्दानी 3' की धूम मची हुई है, और दर्शक इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी ने हमेशा ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाया है जिन पर चर्चा करना आमतौर पर टाला जाता है। इसी संदर्भ में, फिल्म में खलनायिका 'अम्मा' का किरदार निभाने वाली मल्लिका प्रसाद ने अपनी सोच साझा की।
मल्लिका ने एक इंटरव्यू में कहा, "हमारा समाज अपने ही दुश्मनों को गढ़ता है।" उन्होंने अपने किरदार के बारे में भी विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा, "अम्मा को केवल बुरा समझना आसान है, लेकिन उसे समझना थोड़ा कठिन है। वह अकेले में उत्पन्न कोई बुरी शक्ति नहीं है, बल्कि वह उस समाज का परिणाम है, जहां अन्याय, भ्रष्टाचार और शोषण आम हैं। जब किसी व्यक्ति से बार-बार उसका हक छीना जाता है और उसे न्याय नहीं मिलता, तो वह धीरे-धीरे कठोर और खतरनाक बन जाता है। अम्मा भी उसी सिस्टम का हिस्सा है जिसने कभी उसके साथ न्याय नहीं किया।"
मल्लिका ने आगे कहा, "यह सच है कि हमारा समाज अपने दुश्मनों को खुद तैयार करता है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी नाइंसाफियां और सिस्टम की विफलताएं ऐसे किरदारों को जन्म देती हैं। अम्मा उसी टूटे हुए विश्वास और छीने गए न्याय का प्रतीक है। मैंने इस किरदार को निभाते समय इसे केवल एक नकारात्मक पात्र के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक इंसान के रूप में समझने की कोशिश की।"
उन्होंने यह भी कहा, "यादगार खलनायक हमेशा दर्शकों के मन में बसे रहते हैं। 'मोगैंबो' और 'गब्बर सिंह' जैसे किरदार आज भी लोगों को याद हैं। ये विलेन इसलिए खास बनते हैं क्योंकि वे केवल डराते नहीं, बल्कि कहानी को एक नई दिशा भी देते हैं।"
मल्लिका ने कहा, "जब एक महिला खलनायक को पर्दे पर लाया जाता है, तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। खलनायिका को केवल गुस्से या दिखावे तक सीमित नहीं किया जा सकता। उसमें भावनाएं, दर्द और इंसानियत के छोटे-छोटे पल दिखाना भी आवश्यक है। यही चीजें किरदारों को असली और प्रभावशाली बनाती हैं। विलेन में इंसानियत खोजना सबसे चुनौतीपूर्ण लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है।"