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क्या है ममूटी की नई डॉक्यूमेंट्री 'पंथादिक्कम' का खास सफर? जानें केरल में फुटबॉल की कहानी!

मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी ने अपनी आवाज से 'पंथादिक्कम' नामक स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री को जीवंत किया है, जो केरल में फुटबॉल के गहरे संबंधों को दर्शाती है। यह डॉक्यूमेंट्री फुटबॉल के इतिहास, परंपराओं और फैंस के जुनून को उजागर करती है। 1 अक्टूबर से जी5 पर स्ट्रीम होने वाली इस श्रृंखला में दर्शकों को फुटबॉल केरल की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा कैसे बन चुका है, यह देखने का मौका मिलेगा। जानें इस डॉक्यूमेंट्री में और क्या खास है!
 

ममूटी की नई स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री 'पंथादिक्कम'

चेन्नई, 30 सितंबर। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी अब एक अनोखी स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री से जुड़े हैं। उन्होंने मलयालम की पहली स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री 'पंथादिक्कम' में अपनी आवाज दी है। यह पांच एपिसोड की श्रृंखला केरल और फुटबॉल के बीच के गहरे संबंधों को उजागर करती है।


इस डॉक्यूमेंट्री में फुटबॉल के इतिहास, परंपराओं, क्लबों के बीच की प्रतिस्पर्धा और खेल के प्रति फैंस की दीवानगी को बारीकी से दर्शाया जाएगा। 'पंथादिक्कम' 1 अक्टूबर से जी5 पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।


दर्शकों को इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से यह जानने का अवसर मिलेगा कि कैसे फुटबॉल केरल की संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। प्रत्येक एपिसोड लगभग 20 मिनट का होगा, जिसमें केरल में फुटबॉल की शुरुआत से लेकर संतोष ट्रॉफी के सुनहरे दिनों और आधुनिक प्रोफेशनल फुटबॉल तक के सफर को दर्शाया जाएगा।


ममूटी ने इस डॉक्यूमेंट्री के बारे में कहा, ''फुटबॉल केरल में केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा जज्बा है जो लोगों को एकजुट करता है। गलियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मैचों तक, इस खेल के प्रति लोगों का जुनून अद्वितीय है। 'पंथादिक्कम' इस खास रिश्ते को उजागर करती है और उन कहानियों को प्रस्तुत करती है जो इसे विशेष बनाती हैं।''


इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण स्टोरीज सोशल के तहत डॉ. संगीता जनचंद्रन ने किया है, जबकि निर्देशन नाइक्स लोपेज ने किया है। म्यूजिक भी उन्होंने तैयार किया है और कहानी लिखी है गीतार्थ एआर ने।


जी5 के तमिल, तेलुगु और मलयालम बिजनेस हेड लॉयड सी जेवियर ने कहा, "हमारा उद्देश्य ऐसी कहानियों को प्रस्तुत करना है जो मलयाली दर्शकों की पसंद और संस्कृति से जुड़ी हों। फुटबॉल केरल के लोगों के दिलों में एक खास स्थान रखता है और 'पंथादिक्कम' इसी रिश्ते का जश्न मनाती है।"


उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्यूमेंट्री में भारत की पहली नेशनल एम्प्यूटी फुटबॉल टीम के कप्तान वैसाख एस.आर. की प्रेरणादायक कहानी भी शामिल है, जो संघर्ष और फुटबॉल के प्रति जुनून का प्रतीक है। इसके अलावा, इंटरनेशनल फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ियों के प्रभाव को भी दर्शाया जाएगा, खासकर ब्राजील और अर्जेंटीना की टीमों के प्रति केरल के लोगों की दीवानगी को।