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क्या है 'भूत बंगला' के नए गाने 'तू ही दिसदा' की खासियत? जानें निकिता गांधी की जुबानी!

अक्षय कुमार की नई फिल्म 'भूत बंगला' का रोमांटिक गाना 'तू ही दिसदा' हाल ही में रिलीज हुआ है। इस गाने को अरिजीत सिंह और निकिता गांधी ने गाया है। निकिता ने इस गाने को जेनरेशन Z के लिए समर्पित बताया है और इसकी धुन की तारीफ की है। उन्होंने रीमिक्स और ओरिजिनल गानों पर भी अपने विचार साझा किए। जानें इस गाने के बारे में और क्या खास है निकिता की बातें!
 

गाने का रोमांटिक अंदाज


मुंबई, 14 अप्रैल। अक्षय कुमार की नई हॉरर कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' का ताजा रोमांटिक ट्रैक 'तू ही दिसदा' हाल ही में लॉन्च हुआ है, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। इस गाने को अरिजीत सिंह और निकिता गांधी ने अपनी आवाज दी है। संगीत प्रीतम ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल कुमार ने लिखे हैं।


निकिता गांधी का नजरिया

गायिका निकिता गांधी ने एक इंटरव्यू में बताया कि यह गाना जेनरेशन Z के लिए समर्पित है। उनका मानना है कि यह ट्रैक युवा पीढ़ी के लिए एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा, "इस गाने का हिस्सा बनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह एक बेहद खूबसूरत गाना है, जिसमें मैं, अरिजीत और प्रीतम दादा फिर से एक साथ आए हैं।"


गाने की धुन की तारीफ

निकिता ने गाने की धुन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि इसमें भारतीय संगीत का एक देसी टच है, जिसमें पियानो ट्रैक भी शामिल है, जो इसे एक रोमांटिक गाने के रूप में खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। यह गाना आज की युवा पीढ़ी के लिए एकदम सही है।


रीमिक्स और ओरिजिनल गानों पर विचार

गायिका ने रीमिक्स और ओरिजिनल गानों के बारे में भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि दोनों के अपने फायदे हैं। रीमिक्स इसलिए लोकप्रिय होते हैं क्योंकि लोग पहले से उन गानों से परिचित होते हैं। निकिता ने कहा, "जब मैं स्टेज पर पुराने गाने का रीमेक गाती हूं, तो हर कोई उसे पहचान लेता है। रीमिक्स की सबसे अच्छी बात यह है कि आप पुरानी धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।"


गायकों की पहचान

अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए निकिता ने बताया कि पहले कई गाने अन्य गायकों को मिल जाते थे, लेकिन अब यह स्थिति बदल गई है। अब गायकों की अपनी पहचान और ब्रांड वैल्यू बन गई है।


नए गायकों के लिए सलाह

निकिता ने नए गायकों को सलाह देते हुए कहा, "अगर कोई स्क्रैच वर्जन सुनाए, तो उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि यह फाइनल नहीं है। इससे कंपोजर की उम्मीदें सही रहती हैं।" उन्होंने कहा कि असल में गाना कंपोजर का होता है, और गायक केवल उसे गाते हैं। इसलिए स्क्रैच सुनाते समय स्पष्टता जरूरी है।