×

क्या है 'बंटवारा-1947' की कहानी? जानिए आमिर खान और सनी देओल के साथ अमिताभ बच्चन का खास एपिसोड!

हिंदी पीरियड ड्रामा 'बंटवारा-1947' की पूरी कास्ट अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में आमिर खान के साथ नजर आएगी। इस एपिसोड में सनी देओल भी पहली बार हॉट सीट पर बैठेंगे। जानिए इस फिल्म की कहानी, जो 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन पर आधारित है, और कैसे इंसानी रिश्तों की गहराई को दर्शाती है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
 

आमिर खान और सनी देओल का खास एपिसोड


मुंबई, 8 अगस्त। हिंदी पीरियड ड्रामा 'बंटवारा-1947' की पूरी कास्ट अभिनेता अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के ग्रैंड प्रीमियर में आमिर खान के साथ शामिल होगी। शो के निर्माताओं ने इस प्रीमियर का एक छोटा सा क्लिप साझा किया है।


सभी कलाकार इस क्विज-आधारित रियलिटी शो में अपने आगामी प्रोजेक्ट 'बंटवारा 1947' का प्रचार करते नजर आएंगे।


चैनल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नया प्रोमो जारी किया है, जिसमें आमिर खान मस्ती के मूड में बिग बी से इस सीजन की थीम 'सोचना पड़ेगा' के बारे में सवाल पूछते हैं। आमिर कहते हैं, "आपने प्रोमो में कहा है 'सोचना पड़ेगा', तो क्या सोचना पड़ेगा?"


इस पर अमिताभ बच्चन ने अपने खास अंदाज में उत्तर दिया, "इतना आसान नहीं होने वाला है, क्योंकि सोचना पड़ता है न, भाईसाब।"


आमिर ने तुरंत सहमति जताते हुए कहा, "सोचना पड़ेगा, सर... वाकई सोचना पड़ेगा।"


इस एपिसोड में सनी देओल पहली बार 'कौन बनेगा करोड़पति' की हॉट सीट पर दिखाई देंगे।


गौरतलब है कि सनी का अमिताभ बच्चन के साथ एक पुराना और गहरा संबंध है, जो उनके पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के माध्यम से दशकों पुराना है।


अमिताभ और धर्मेंद्र ने कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें 'शोले', 'चुपके चुपके' और 'राम बलराम' शामिल हैं। वे हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित समकालीन कलाकारों में से एक माने जाते हैं।


फिल्म 'बंटवारा 1947' का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और यह आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी है। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं। इस फिल्म में सनी देओल, करण देओल, अली जफर, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी और अभिमन्यु सिंह जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं।


फिल्म की कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो उन आम लोगों की जिंदगी को दर्शाती है जो इस विभाजन से प्रभावित हुए थे।


कहानी में एक हिंदू परिवार को दिखाया गया है जो लाहौर से भारत आता है और उन्हें एक हवेली मिलती है जो पहले एक मुस्लिम परिवार की थी। कहानी में मोड़ तब आता है जब उन्हें पता चलता है कि उस हवेली में एक बुजुर्ग मुस्लिम महिला अभी भी रह रही है। इसी स्थिति से इंसानी रिश्तों, भावनाओं और संघर्ष की एक गहरी कहानी पेश की जाएगी।


यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।