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क्या है फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता का राज? हेमा मालिनी ने किया खुलासा!

भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता पर खुशी व्यक्त की है। उन्होंने इसे हनुमान जी का आशीर्वाद मानते हुए कहा कि फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है और इसकी कहानी एक आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती है। जानें इस फिल्म की कहानी, इसकी सफलता के पीछे के कारण और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

हेमा मालिनी की खुशी और फिल्म की सफलता




मुंबई, 9 सितंबर। भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने हाल ही में फिल्म 'हनुमान अंश' की अभूतपूर्व सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त की। मथुरा में नीम करौली बाबा और हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था को साझा करते हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि बाबा पर आधारित यह फिल्म सुपरहिट हो गई है। उन्होंने इस सफलता को हनुमान जी का आशीर्वाद मानते हुए कहा कि वह भी इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक हैं।


हेमा ने कहा, ''मथुरा में हनुमान जी और नीम करौली बाबा का मंदिर है। मैं यहां नियमित रूप से आती हूं और आज मुझे खुशी है कि इस पर एक फिल्म बनी है और यह सफल रही है। यह हनुमान जी का आशीर्वाद है। जिस लड़की ने यह फिल्म बनाई है, वह एक साधारण और सीधी-सादी लड़की है। उसे फिल्म उद्योग का ज्यादा ज्ञान नहीं था, फिर भी उसने एक ऐसी फिल्म बनाई है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।''


उन्होंने आगे कहा, ''अब हर कोई इस फिल्म को देखने के लिए बेताब है और मैं भी जल्द ही 'हनुमान अंश' देखना चाहती हूं।'' यह फिल्म, जो छोटे बजट में बनी है, ने बॉक्स ऑफिस पर सभी को चौंका दिया है। यह फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक सोच से प्रेरित है। हाल ही में, फिल्म की टीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की, जहां उन्हें फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण हिस्से दिखाए गए।


फिल्म को लेकर न केवल फिल्म उद्योग से बल्कि राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी फिल्म देखी है और इसे राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। धामी ने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से उन्हें नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को समझने का अवसर मिला।


हालांकि, फिल्म की सफलता के साथ-साथ इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि इस फिल्म के जरिए धर्म की राजनीति की जा रही है। वहीं, भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि किसी भी फिल्म पर आपत्ति जताने से पहले उसके कंटेंट को समझना आवश्यक है।


'हनुमान अंश' की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित एक आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती है। कहानी की शुरुआत भोसले नामक एक पात्र से होती है, जो अपने पोते को नीम करौली बाबा के बारे में बताता है। इसके बाद कहानी आजादी से पहले के समय में पहुंचती है, जब भोसले एक क्रांतिकारी के रूप में सक्रिय होते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि उस कठिन समय में बाबा उनकी रक्षा करते हैं और यहीं से उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाओं की कहानी आगे बढ़ती है।


फिल्म आगे लक्ष्मी नारायण के बचपन में जाती है, जो बाद में नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध होते हैं। मां के निधन के बाद, बालक लक्ष्मी नारायण दुखी होकर भगवान की तलाश में निकल पड़ता है। इसी खोज में वह घर छोड़ देता है और मंदिरों, जंगलों, नदियों और गांवों से गुजरते हुए एक लंबी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करता है।


धीरे-धीरे उसकी यह व्यक्तिगत खोज एक बड़े जीवन दर्शन का रूप ले लेती है। भूखे को खाना खिलाना, जरूरतमंदों की मदद करना, और बिना किसी भेदभाव के लोगों से प्यार करना उसके जीवन का आधार बन जाता है। फिल्म इन्हीं भावनाओं के माध्यम से नीम करौली बाबा के जीवन और उनके विचारों को पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।


फिल्म का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है, जबकि 21 वर्षीय अनुप्रिया नागर ने इसे प्रोड्यूस किया है।