क्या है फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी? जानें केंद्रीय मंत्री अमित शाह की टीम से मुलाकात के बारे में!
फिल्म 'हनुमान अंश' की चर्चा और केंद्रीय मंत्री की मुलाकात
नई दिल्ली, 21 सितंबर। बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों दर्शकों के बीच काफी चर्चित है। इस बीच, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में फिल्म के कलाकारों से मुलाकात की और उन्हें फिल्म की सफलता पर बधाई दी।
इस मुलाकात के दौरान, फिल्म से जुड़े कलाकारों ने अमित शाह के साथ अपने अनुभव साझा किए, जो टीम के लिए एक विशेष अवसर था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी फिल्म की टीम से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसमें फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या सहित अन्य कलाकार भी शामिल थे।
नितिन नवीन ने लिखा, "आज, नई दिल्ली में फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम के साथ मीटिंग हुई। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े इस काम के लिए पूरी टीम को दिल से शुभकामनाएं, और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।"
'हनुमान अंश' का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में शोभिनव सत्या ने बाबा नीम करौली का किरदार निभाया है। यह फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। शुरुआत में फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर कमाई धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की पसंद और सोशल मीडिया पर मिले सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने इसकी कमाई को बढ़ावा दिया।
फिल्म ने पहले दिन लगभग 10 लाख रुपये की कमाई की थी और पहले दो हफ्तों में इसका कुल कलेक्शन 1.48 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद, 17वें दिन से फिल्म की कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
फिल्म की कहानी बाबा नीम करौली के जीवन से प्रेरित है। यह कहानी भोसले नामक पात्र से शुरू होती है, जिसे चंदन आनंद ने निभाया है। वह अपने पोते को बाबा के बारे में बताते हैं और अपनी पहली मुलाकात का किस्सा सुनाते हैं। यह घटना 1942 की है, जब भोसले एक क्रांतिकारी थे। इसके बाद कहानी बाबा के बचपन और उनकी आध्यात्मिक खोज की ओर बढ़ती है।
फिल्म में 12 साल के लक्ष्मी नारायण की कहानी भी दिखाई गई है, जो अपनी मां की मृत्यु के बाद पूरी तरह से टूट जाता है। वह अकबरपुर गांव में अपने घर को छोड़ देता है, उसे लगता है कि ईश्वर को खोजने से वह अपनी मां से फिर मिल सकेगा। उसकी यात्रा मंदिरों, जंगलों, नदियों और गांवों से होकर गुजरती है। समय के साथ, उसकी ईश्वर की खोज का अर्थ बदलने लगता है। वह भूखों को खाना खिलाने, लोगों की मदद करने और निस्वार्थ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बना लेता है।
शोभिनव सत्या के अलावा, फिल्म में विहान एस. हेगड़े बाल कलाकार के रूप में नजर आते हैं। बाबा की पत्नी का किरदार पूर्णिमा तिवारी ने निभाया है, जबकि महंत की भूमिका में अनिल रस्तोगी दिखाई देते हैं।