क्या है फिल्म 'शतक' की कहानी? जानें संघ के 100 साल की यात्रा के बारे में
फिल्म 'शतक' का विमोचन और दर्शकों की प्रतिक्रिया
इंदौर, 24 फरवरी। फिल्म 'शतक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष' अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है और इसे दर्शकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। हाल ही में, फिल्म के निर्माता वीर कपूर ने मीडिया चैनल के साथ बातचीत में फिल्म और संघ के बारे में अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा, "मैं संघ का स्वयंसेवक हूं। इस फिल्म को मैंने इस उद्देश्य से बनाया कि सच्ची कहानी को लोगों के सामने लाना चाहिए। देश की सेवा करना हमारी जिम्मेदारी है, और मैं किसी न किसी तरीके से अपने देश के लिए योगदान देना चाहता हूं।"
वीर कपूर ने बताया, "संघ की स्थापना 1925 में हुई थी, और अब यह अपने 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इस अवसर पर शताब्दी वर्ष का आयोजन किया जा रहा है। संघ द्वारा किए गए कार्यों, संघर्षों और समाज सेवा को इस फिल्म में दर्शाया गया है।"
यह फिल्म संघ के 100 साल की यात्रा को दर्शाती है, जिसने देश के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है।
फिल्म का निर्देशन आशीष मल्ल ने किया है, जबकि वीर कपूर इसके निर्माता हैं और आशीष तिवारी सह-निर्माता हैं। फिल्म में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान संघ की भूमिका, आपातकाल के समय में संगठन की सोच और समाज के प्रति उसके योगदान को प्रमुखता से दिखाया गया है।
फिल्म आरएसएस की विचारधारा, उसके सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय योगदान को केंद्र में रखकर बनाई गई है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी तक आरएसएस के इतिहास को पहुंचाने का प्रयास किया गया है, साथ ही संघ के बारे में फैली भ्रांतियों को भी उजागर किया गया है।
यह फिल्म 19 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में एडीए 360 डिग्री एलएलपी द्वारा प्रस्तुत की गई थी, और इसके बाद से इसे सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।