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क्या है फिल्म 'शतक' का संदेश? जानें संघ के 100 साल की यात्रा के बारे में

फिल्म 'शतक: संघ के 100 वर्ष' संघ की शताब्दी को मनाने के लिए बनाई गई है, जो न केवल संघ के योगदान को दर्शाती है, बल्कि समाज में सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी जागृत करती है। बाबा रामदेव ने इस फिल्म की सराहना की है, इसे देशभक्ति का प्रतीक मानते हुए। फिल्म में संघ के 100 वर्षों का सफर, स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका और समाज के प्रति योगदान को प्रमुखता से दिखाया गया है। यह फिल्म 19 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।
 

फिल्म 'शतक' का अनावरण


मुंबई, 1 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर को मनाने के लिए 'शतक: संघ के 100 वर्ष' नामक एक फिल्म बनाई गई है। यह फिल्म संघ की यात्रा और उसके योगदान को दर्शाने के साथ-साथ समाज में सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी उजागर करती है। फिल्म का टीजर पहले ही दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर चुका है, और अब इस पर योगगुरु बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।


बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया

फिल्म 'शतक' पर अपनी राय व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव ने कहा, "संघ की शताब्दी केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह सौ वर्षों की सेवा, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। यह फिल्म देशभक्ति की भावना को जीवंत करती है। यह संघ की वैचारिक यात्रा, सामाजिक योगदान और देश के प्रति समर्पण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।"


उन्होंने फिल्म की टीम को बधाई देते हुए कहा, "संघ ने हमेशा भारतीय समाज की एकता और राष्ट्र की अखंडता के लिए कार्य किया है। संघ का योगदान केवल संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। फिल्म 'शतक' उन लाखों स्वयंसेवकों के त्याग और निःस्वार्थ सेवा को भी सम्मानित करती है, जिन्होंने समाज और देश के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित की।"


फिल्म का उद्देश्य

बाबा रामदेव ने आगे कहा, "हम मिट जाएं, रहें न रहें, तेरा वैभव अमर रहे, मां... इसी संकल्प की जागृति समाज में हो। यह फिल्म दर्शकों को यह संदेश देती है कि सेवा और संस्कार के माध्यम से ही समाज मजबूत और देश सशक्त बन सकता है। यह फिल्म इतिहास को याद दिलाती है और युवाओं में देशभक्ति और समाजसेवा की भावना को बढ़ावा देती है।"


फिल्म 'शतक' में संघ के 100 वर्षों का सफर दर्शाया गया है। इसमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान संघ की भूमिका, आपातकाल के समय में संगठन की सोच और समाज के लिए किए गए योगदान को प्रमुखता से दिखाया गया है। टीजर में यह स्पष्ट है कि यह फिल्म पुरानी धारणाओं और आलोचनाओं को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करती है.


फिल्म की रिलीज

फिल्म में संघ से जुड़े घटनाक्रम, आदर्शों, रचनात्मक दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों को सरल भाषा में पेश किया गया है, ताकि सभी आयु वर्ग के दर्शक इसे आसानी से समझ सकें। 'शतक: संघ के 100 वर्ष' 19 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है।