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क्या है पोंगल का महत्व? पीएम मोदी ने समारोह में दी खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने तमिल परंपरा के अनुसार पूजा की और इस त्योहार के महत्व पर प्रकाश डाला। साउथ अभिनेता सरथ कुमार ने भी इस अवसर पर खुशी व्यक्त की। पीएम ने कहा कि पोंगल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का उत्सव है। जानें इस उत्सव के बारे में और पीएम मोदी के संदेश के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का पोंगल समारोह में शामिल होना


नई दिल्ली, 14 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के घर पर आयोजित पोंगल उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने तमिल परंपरा के अनुसार पूजा की। इस समारोह में शामिल होने पर साउथ फिल्म अभिनेता सरथ कुमार ने अपनी खुशी व्यक्त की।


सरथ कुमार ने कहा, ''प्रधानमंत्री के साथ पोंगल मनाना गर्व की बात है। मुझे सच में बहुत खुशी है। ऐसे आयोजन देश में खुशी और सकारात्मकता का संचार करते हैं। पोंगल एक ऐसा पर्व है जो लोगों को एकजुट करता है, और प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया है।'' उन्होंने आगे कहा, ''यह क्षण पूरे देश के लिए खुशी और उल्लास का संदेश लेकर आया है।''


पोंगल समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री ने पारंपरिक तरीके से सूर्य देव को नमन किया और पोंगल से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके बाद, उन्होंने गायों और बछड़ों को चारा खिलाकर उनकी पूजा की।


इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा, ''पोंगल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का उत्सव है। हमें प्रकृति का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।''


उन्होंने यह भी कहा, ''पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन चुका है और तमिल संस्कृति की खुशबू पूरी दुनिया में फैल रही है। यह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को और मजबूत करता है।''


प्रधानमंत्री ने मकर संक्रांति और माघ बिहू जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।


पोंगल, तमिलनाडु का एक प्रमुख फसल उत्सव है, जो हर साल जनवरी में मनाया जाता है। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें भोगी पोंगल, सूर्य पोंगल, मट्टू पोंगल और कानूम पोंगल शामिल हैं। यह त्योहार सूर्य देव, प्रकृति, पशुधन और किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है।