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क्या है 'पराशक्ति' के निर्माता देव रामनाथ का विवाद? जानें पूरी कहानी!

तमिल फिल्म 'पराशक्ति' के निर्माता देव रामनाथ ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसने विवाद खड़ा कर दिया। उनके बयान को लेकर उन्हें ट्रोल किया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी को आहत करना नहीं था। देव ने विजय को अपना आदर्श मानते हुए कहा कि फिल्म को उचित सम्मान मिलना चाहिए। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और देव का पक्ष।
 

देव रामनाथ का बयान और विवाद


मुंबई, 14 जनवरी। हाल ही में तमिल सिनेमा के निर्माता और अभिनेता देव रामनाथ के एक बयान ने काफी हलचल मचाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा।


ट्रोलिंग का कारण यह था कि लोग समझते हैं कि वह सुपरस्टार विजय और उनके प्रशंसकों के खिलाफ बोल रहे हैं। हालांकि, देव ने अब स्पष्ट किया है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अपनी फिल्म को उचित सम्मान दिलाने के लिए कुछ बातें साझा की थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से लिया।


देव रामनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''विजय सर मेरे लिए आदर्श हैं। मैं उनकी फिल्मों का प्रशंसक हूं। मैं कोई बड़ा अभिनेता या निर्माता नहीं हूं, बस चाहता हूं कि हमारी मेहनत की फिल्म को उसका उचित सम्मान मिले।''


उन्होंने आगे कहा, ''मैंने अपनी फिल्म को पूरी मेहनत से बनाया है। विजय की फिल्म 'जन नायकन' के साथ भी यही स्थिति है। सैकड़ों लोग इस फिल्म में काम करते हैं, और अगर किसी फिल्म को सही सम्मान नहीं मिलता, तो यह सभी के लिए कठिनाई का कारण बनता है।''


देव ने यह भी कहा, ''मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मेरा उद्देश्य विजय के प्रशंसकों को चेतावनी देना नहीं था। फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए। इसे कमतर आंकना गलत है। थिएटर में फिल्म देखने का असली अनुभव मिलता है। ओटीटी पर देखकर केवल यह कहना कि फिल्म अच्छी है, इसका कोई मतलब नहीं है।''


उन्होंने कहा, ''विजय की 'जन नायकन' के साथ जो हुआ, वह भी अनुचित था। किसी भी फिल्म को बिना कारण गिराना या उसकी आलोचना करना सही नहीं है। इस समय इंडस्ट्री कठिन दौर से गुजर रही है। कई निर्माता अब फिल्म बनाने से पहले कई बार सोचते हैं, जिससे फिल्मों की संख्या कम हो रही है। ऐसे में यह सभी की जिम्मेदारी है कि वे फिल्मों को सही सम्मान दें।''


गौरतलब है कि निर्देशक सुधा कोंगरा की फिल्म 'पराशक्ति' 1960 के दशक में तमिलनाडु में हुए एंटी-हिंदी आंदोलन पर आधारित है। यह फिल्म इस ऐतिहासिक घटना की कहानी प्रस्तुत करती है।


फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शिवकार्तिकेयन और श्रीलीला हैं, जबकि रवि मोहन खलनायक की भूमिका में हैं। 'पराशक्ति' को 10 जनवरी को पोंगल के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज किया गया।


रिलीज के बाद, सोशल मीडिया और रिव्यू साइट्स पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। देव रामनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग पुराने वीडियो शेयर कर रहे हैं और टिकट बुकिंग साइट्स पर रेटिंग में छेड़छाड़ कर रहे हैं, ताकि उनकी फिल्म का मुकाबला विजय की 'जन नायकन' के साथ हो। उन्होंने कहा कि यह सही प्रतिस्पर्धा नहीं है और फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए।