क्या है नॉर्वे की फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' की सफलता का राज? जानें ऑस्कर में भारत की एंट्री 'होमबाउंड' के बारे में!
भारत की फिल्म 'होमबाउंड' की ऑस्कर यात्रा
मुंबई, 16 मार्च। 98वें ऑस्कर अवार्ड्स में भारत की ओर से नीरज घेवान द्वारा निर्देशित फिल्म 'होमबाउंड' को आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा गया था। यह फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की श्रेणी में शीर्ष 15 में शामिल हुई, लेकिन अंतिम नामांकन तक नहीं पहुँच सकी। इस श्रेणी में नॉर्वे की फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' ने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म का पुरस्कार जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।
एकेडमी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फिल्म की जीत की घोषणा करते हुए लिखा, "नॉर्वे ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है। फिल्म 'सेंटीमेंटल वैल्यू' को इस वर्ष बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर मिलने पर बधाई।"
हालांकि 'होमबाउंड' इस साल ऑस्कर में आधिकारिक रूप से शामिल नहीं हो पाई, फिर भी यह भारत के लिए गर्व का क्षण था, क्योंकि प्रियंका चोपड़ा ने इस श्रेणी का पुरस्कार प्रस्तुत किया। प्रियंका ने जेवियर बार्डेम के साथ मिलकर 'सेंटीमेंटल वैल्यू' की टीम को ऑस्कर प्रदान किया।
इस फिल्म को ऑस्कर जीतने से पहले कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी सराहना मिली थी। नीरज घेवान की 'होमबाउंड' को 78वें कान्स फिल्म फेस्टिवल (2025) में जबरदस्त प्रशंसा प्राप्त हुई। प्रतिष्ठित 'अन सर्टेन रिगार्ड' सेक्शन में प्रीमियर के दौरान इसे 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह फिल्म कान्स में चुनी गई एकमात्र भारतीय फीचर फिल्म थी।
फिल्म की कहानी उत्तर भारत के एक छोटे से गांव के दो दोस्तों चंदन और शोएब के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर सम्मान पाने का सपना देखते हैं। पुलिस की नौकरी पाने के लिए उनके संघर्ष, सामाजिक समीकरण, दोस्ती और कोरोना महामारी के दौरान घर लौटने की यात्रा जातिगत भेदभाव और गरीबी के यथार्थ को दर्शाती है।
वहीं, 'सेंटीमेंटल वैल्यू' का निर्देशन प्रसिद्ध नॉर्वेजियन निर्देशक जोआचिम ट्रायर ने किया है, जो अपनी 'ओस्लो ट्रिलॉजी' के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म अगस्त 2025 में रिलीज हुई थी और इसे ऑस्कर में कुल 9 नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर और अन्य प्रमुख श्रेणियाँ शामिल थीं। यह एक पारिवारिक ड्रामा है, जिसकी कहानी दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य भूमिका में रेनेट रीन्सवे ने बेहतरीन अभिनय किया है। फिल्म में एक वृद्ध फिल्म निर्देशक और उसकी बेटियों के बीच के रिश्तों की जटिलताओं को दर्शाया गया है।