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क्या है 'द पिरामिड स्कीम' की सच्चाई? जानें डायरेक्टर श्रेयांश पांडे की कहानी

डायरेक्टर श्रेयांश पांडे की नई वेब सीरीज 'द पिरामिड स्कीम' पोंजी स्कीमों के शिकार हुए लाखों लोगों की कहानी को उजागर करती है। इस शो में दिखाया गया है कि कैसे लोग जल्दी अमीर बनने के सपने में अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं। श्रेयांश ने इस विषय पर 15 साल तक रिसर्च की है और बताया है कि कितने लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। जानें इस सीरीज में क्या खास है और कैसे यह दर्शकों को व्यक्तिगत स्तर पर जोड़ती है।
 

पिरामिड स्कीम पर आधारित वेब सीरीज का अनावरण




मुंबई, 7 जून। वर्तमान समय में तेजी से अमीर बनने के सपने दिखाने वाली योजनाओं का जाल देशभर में फैला हुआ है। हर साल हजारों लोग ऐसे वादों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं। इसी विषय पर डायरेक्टर श्रेयांश पांडे ने वेब सीरीज 'द पिरामिड स्कीम' का निर्माण किया है।


प्रमोशन के दौरान श्रेयांश ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह उन लाखों लोगों की कहानी है, जो किसी न किसी रूप में पोंजी या पिरामिड स्कीम का शिकार हुए हैं।


उन्होंने कहा, ''पिछले दो दशकों में देश में 5000 से अधिक ऐसी कंपनियां सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों को बड़े सपने दिखाकर निवेश कराया और बाद में करोड़ों रुपए लेकर गायब हो गईं। 5 करोड़ से ज्यादा लोग इन स्कीमों का शिकार हो चुके हैं। यह केवल रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या है, असली आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि कई लोग अपनी ठगी की कहानी कभी दर्ज नहीं करवाते।''


श्रेयांश ने आगे कहा, ''जब कोई व्यक्ति ऐसी स्कीम में अपना पैसा खो देता है, तो वह केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाता है। लोग सोचते हैं कि उन्होंने गलती की है और इसी कारण वे पुलिस या प्रशासन के पास जाने से कतराते हैं। कई लोग तो अपने परिवार और दोस्तों को भी नहीं बताते कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। शर्म, डर और सामाजिक दबाव के चलते हजारों मामले सामने नहीं आ पाते। यही कारण है कि इस विषय पर शोध करते समय हमारी टीम को गहराई में जाकर काम करना पड़ा।''


डायरेक्टर ने बताया, ''इस कहानी का सफर 2011 में शुरू हुआ था। उस समय मेरे मन में इस विषय को लेकर एक विचार आया था, लेकिन इसे पूरी तरह समझना और सही तरीके से प्रस्तुत करना आसान नहीं था। लगातार रिसर्च, लोगों से बातचीत और वास्तविक घटनाओं का अध्ययन करने के बाद मुझे वह दृष्टिकोण मिला, जिसकी मदद से इस शो को बनाया जा सका।''


श्रेयांश ने कहा, ''पिरामिड स्कीम का प्रभाव इतना व्यापक है कि जब भी वे किसी नए व्यक्ति से इस विषय पर चर्चा करते हैं, तो लगभग हर किसी के पास इससे जुड़ा कोई न कोई अनुभव होता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने सीधे या परोक्ष रूप से लाखों परिवारों को प्रभावित किया है। यही कारण है कि यह कहानी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर जोड़ने की क्षमता रखती है।''


उन्होंने कहा, ''इस विषय की सबसे बड़ी ताकत इसकी वास्तविकता है। यह कोई काल्पनिक दुनिया नहीं है, बल्कि उन घटनाओं का प्रतिबिंब है जो समाज में लगातार घटती रही हैं। इसलिए जब दर्शक इस सीरीज को देखेंगे, तो उन्हें कई ऐसे किरदार और परिस्थितियां दिखाई देंगी जिनसे वे खुद को जोड़ पाएंगे।''


'द वायरल फीवर' द्वारा निर्मित यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।