क्या है 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन' का रहस्य? जानें इस फिल्म के टीजर में छिपे संदेश!
फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन' का टीजर हुआ जारी
मुंबई, 26 जून। सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन' ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके निर्माताओं ने हाल ही में फिल्म का टीजर जारी किया है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि कैसे रोजमर्रा के भोजन में मिल रहे जहर और पेस्टिसाइड्स लोगों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
टीजर की शुरुआत एक बड़े विरोध प्रदर्शन से होती है, जहां किसान और आम लोग वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं। भीड़ उनकी गिरफ्तारी की मांग करती है और गुस्से में उनके पोस्टरों पर कालिख पोतती है।
इसके बाद कोर्टरूम का दृश्य प्रस्तुत किया जाता है, जहां श्रेयस तलपड़े का किरदार योगेश पांडे अपनी याचिका पेश करता है। योगेश का कहना है कि उसकी सात साल की बेटी की कैंसर से मौत हुई, लेकिन वह इसे हत्या मानता है, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी बेटी की मौत का कारण खाने-पीने की चीजों में मौजूद मिलावट थी। इसमें फल-सब्जियों, दूध और दही जैसी रोजमर्रा की चीजों में मिल चुके जहरीले तत्वों का जिक्र किया गया है, जो धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों का कारण बन रहे हैं।
इस मामले की पैरवी वकील अर्चना करती हैं, जो कोर्ट में अपने तर्कों के साथ मजबूती से खड़ी होती हैं। वह कहती हैं, 'फल-सब्जियां किसानों के माध्यम से आती हैं, और जो पेस्टिसाइड्स का उपयोग कर रहे हैं, वे कंपनियां और उन्हें अनुमति देने वाली सरकार भी जिम्मेदार हैं।'
टीजर में श्रेयस तलपड़े के किरदार योगेश पांडे की व्यक्तिगत पीड़ा भी दिखाई गई है। वह अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता है, लंबी लाइनों में खड़ा होता है और हर जगह मदद की तलाश में भटकता है। जब उसकी बेटी की मौत हो जाती है, तो उसका दुख और बढ़ जाता है। इसके बाद वह न्याय के लिए पुलिस स्टेशन जाता है, लेकिन वहां उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाता। यह दृश्य सिस्टम की खामियों को उजागर करता है और एक आम व्यक्ति की बेबसी को दर्शाता है।
टीजर में एक प्रभावशाली संवाद भी सुनाई देता है, जिसमें श्रेयस तलपड़े कहते हैं, 'हरित क्रांति के नाम पर जो जहर का तूफान उठा है, वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है।'
टीजर के अंत में एक चौंकाने वाला दृश्य भी है, जहां प्रदर्शन के दौरान एक महिला काजल अग्रवाल को थप्पड़ मार देती है।
फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन' पेस्टिसाइड खेती और भोजन में मिलावट के गंभीर मुद्दों पर आधारित है। यह फिल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि कैसे आधुनिक खेती और रासायनिक पदार्थ धीरे-धीरे मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं, और इसका सबसे बड़ा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है।
यह फिल्म जी स्टूडियोज और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज के बैनर तले बनाई गई है, जिसे सागर बी. शिंदे ने लिखा और निर्मित किया है। यह फिल्म 24 जुलाई को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी.