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क्या है 'घूसखोर पंडित' विवाद? लखनऊ में डायरेक्टर और टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज

लखनऊ में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रसारित 'घूसखोर पंडित' वेब सीरीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि इस सीरीज ने समाज में सौहार्द बिगाड़ने और जातिगत भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
 

लखनऊ में 'घूसखोर पंडित' पर विवाद गहराया


लखनऊ, 6 फरवरी। ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' के खिलाफ विवाद बढ़ता जा रहा है। इस सिलसिले में लखनऊ में डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।


लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हजरतगंज थाने में इस वेब सीरीज के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इस सीरीज के माध्यम से समाज में सौहार्द को बिगाड़ने और धार्मिक तथा जातिगत भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया है।


कोतवाली हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि 'घूसखोर पंडित' एक वेब सीरीज है, जिसमें जातिगत अपमान का संकेत है। इसका शीर्षक विशेष समुदाय (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है। इस पर ब्राह्मण समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी रोष उत्पन्न हुआ है, और प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है।


उन्होंने आगे कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि डायरेक्टर और उनकी टीम ने समाज में वैमनस्यता फैलाने और शांति व्यवस्था को भंग करने के लिए यह सामग्री प्रकाशित की है। इस स्थिति को देखते हुए थाना हजरतगंज पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।


पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आगे की विधिक कार्रवाई और जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।