क्या है कोंकणा सेन शर्मा की नई फिल्म 'एक्यूज्ड' की कहानी? जानें अनकही सच्चाइयाँ!
कोंकणा सेन शर्मा की नई फिल्म 'एक्यूज्ड' का अनावरण
मुंबई, 25 फरवरी। अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा अपनी आगामी फिल्म 'एक्यूज्ड' को लेकर बेहद उत्साहित हैं। प्रमोशन के दौरान उन्होंने बताया कि अनकही और कम सुनी जाने वाली कहानियों को उजागर करना अत्यंत आवश्यक है।
फिल्म 'एक्यूज्ड' कार्यस्थल पर महिलाओं के बीच शक्ति संतुलन, यौन उत्पीड़न के आरोपों और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को गहराई से दर्शाती है। कोंकणा का मानना है कि ऐसी कहानियों को बताना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समाज को हर पहलू को देखना चाहिए। यह फिल्म न केवल दर्शकों का मनोरंजन करती है, बल्कि उनके सोचने के तरीके को भी चुनौती देती है।
यह फिल्म 27 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है। 'एक्यूज्ड' एक ऐसी महिला की कहानी है, जिस पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जाता है। कोंकणा ने बातचीत में कहा कि यह स्क्रिप्ट सामान्य धारणाओं को पूरी तरह से पलट देती है। उन्होंने कहा, "हम अक्सर महिलाओं को पीड़ित या सर्वाइवर के रूप में देखते हैं, लेकिन आरोपी के रूप में बहुत कम। आंकड़ों के अनुसार, अपराध ज्यादातर पुरुष करते हैं, यह सच है, लेकिन महिलाएं भी ऐसा कर सकती हैं और ऐसा होता भी है।"
कोंकणा ने आगे बताया कि इस फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि यह उन अनकही कहानियों पर प्रकाश डालती है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। फिल्म में कार्यस्थल पर महिलाओं के बीच शक्ति संतुलन, दो महिलाओं के रिश्ते में सत्ता का खेल और उम्र का बड़ा अंतर दिखाया गया है। यह एक ऐसी कहानी है जो सिक्के के दूसरे पहलू को उजागर करती है। यहां आरोपी भी महिला है और पीड़ित भी महिला। दोनों के बीच उम्र का अंतर, नौकरी का स्वरूप और रिश्ते की जटिलताएं दर्शकों के सामने हमारे पूर्वाग्रहों को लाती हैं।
अभिनेत्री ने कहा कि जब किसी महिला पर शोषण का आरोप लगता है, तो समाज में उस पर विश्वास करना कठिन हो जाता है, खासकर जब आरोपी की स्थिति मजबूत हो और रिश्ते में असमानता हो। कोंकणा ने कहा, "यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा व्यवहार कैसे काम करता है। यह कोई स्पष्ट कहानी नहीं है, बल्कि ग्रे क्षेत्र की कहानी है। कोई भी किरदार पूरी तरह से पसंद करने लायक नहीं है और यही इसे वास्तविक बनाता है।"