×

क्या है इंद्रजीत लंकेश की नई फिल्म 'जय हिंद, जय सिंध' का संदेश?

निर्देशक इंद्रजीत लंकेश ने अपनी नई ऐतिहासिक-ड्रामा फिल्म 'जय हिंद, जय सिंध: एक प्रेम कहानी' के माध्यम से दर्शकों को संवेदनशील विषयों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि सिनेमा को स्ट्रीट प्ले की तरह होना चाहिए, जो मनोरंजन के साथ-साथ महत्वपूर्ण संदेश भी प्रदान करे। इस लेख में जानें कि इंद्रजीत का फिल्म निर्माण के प्रति क्या दृष्टिकोण है और उन्होंने युवा कलाकारों को कैसे प्रोत्साहित किया है।
 

इंद्रजीत लंकेश का नया ऐतिहासिक-ड्रामा




मुंबई, 13 अगस्त। निर्देशक इंद्रजीत लंकेश ने दर्शकों के लिए अपनी नई ऐतिहासिक-ड्रामा फिल्म 'जय हिंद, जय सिंध: एक प्रेम कहानी' पेश की है। उनका मानना है कि एक निर्देशक को ऐसी कहानियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो जटिल विषयों को छूती हैं।


उन्होंने कहा, "मैंने रोमांस, कॉमेडी और बायोपिक जैसी कई शैलियों में फिल्में बनाई हैं, और अब मैं विभाजन पर आधारित एक फिल्म लेकर आया हूं। एक निर्देशक के रूप में, मुझे लगता है कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण कहानियों को बताना आवश्यक है।"


जब उनसे पूछा गया कि आज के समय में फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी क्या है, तो उन्होंने बताया कि पहले फिल्में नुक्कड़ नाटकों का हिस्सा होती थीं, जो केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि मजबूत संदेश देने के लिए बनाई जाती थीं।


इंद्रजीत ने कहा, "सिनेमा को भी स्ट्रीट प्ले की तरह होना चाहिए, जहां आप अपने गुस्से को व्यक्त कर सकें और मनोरंजन के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेश दे सकें।"


उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दर्शक फिल्म देखने आते हैं, लेकिन उन्हें मनोरंजन के जरिए महत्वपूर्ण संदेश भी मिलना चाहिए। हालांकि, यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।


इंद्रजीत ने अपने 26 साल के करियर में कई दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया है और युवा कलाकारों को प्लेटफॉर्म प्रदान किया है। उन्होंने कहा, "मेरी ज्यादातर फिल्मों में युवा कलाकार शामिल होते हैं, क्योंकि मैं कुछ कहना चाहता हूं।"


उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह तीन साल तक कोई फिल्म नहीं बनाते, लेकिन जब उनके पास कहने के लिए कहानी होती है, तो वह उसे जरूर बनाते हैं।