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क्या है Zee5 पर रिलीज़ हुई फिल्म 'Satluj' की कहानी? जानें इसके विवाद और असली घटनाओं के बारे में!

फिल्म 'Satluj', जो Zee5 पर रिलीज़ हुई, ने जसवंत सिंह खालरा के जीवन और संघर्ष को दर्शाया है। दिलजीत दोसांझ द्वारा अभिनीत इस फिल्म ने सेंसरशिप और विवादों का सामना किया है। जानें इसके पीछे की कहानी, खालरा का मानवाधिकारों के प्रति संघर्ष और पंजाब पुलिस के खिलाफ उनके आरोपों के बारे में। क्या यह फिल्म दर्शकों का ध्यान खींच पाएगी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

फिल्म 'Satluj' का संक्षिप्त परिचय


हाल ही में, Zee5 ने फिल्म 'Satluj' का प्रीमियर किया, जिसका निर्देशन हनी त्रेहन ने किया है। हालांकि, यह फिल्म केवल दो दिन बाद ही प्लेटफॉर्म से हटा दी गई। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की भूमिका निभाई है। फिल्म के निर्माण के दौरान इसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ चली लंबी लड़ाई और शीर्षक में बदलाव शामिल हैं। अब, इसके संक्षिप्त रिलीज़ के बाद, 'Satluj' एक बार फिर दर्शकों की नजरों से ओझल हो गई है।


जसवंत सिंह खालरा की कहानी

फिल्म 'Satluj', जिसे पहले 'Panjab 95' के नाम से जाना जाता था, एक जीवनी नाटक है जो 1990 के दशक में पंजाब में जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनकी दुखद कहानी को दर्शाती है। खालरा का मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता का सफर तब शुरू हुआ जब उन्होंने 1984 से 1994 के बीच राज्य में लगभग 25,000 लोगों के शवों के दाह संस्कार की जांच की। इस फिल्म में गीतीका विद्या ओहलन, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और कंवलजीत सिंह भी हैं, जो पंजाब पुलिस की कार्रवाई की काली हकीकतों को दर्शाते हुए वास्तविक घटनाओं को काल्पनिक तत्वों के साथ मिलाते हैं।


फिल्म के विवाद और कानूनी लड़ाई

फिल्म का विवाद इसके पहले शीर्षक 'ग़ल्लूघारा' से शुरू हुआ, जो सिखों के ऐतिहासिक नरसंहारों का संदर्भ देता है। 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को प्रस्तुत करने के बाद, बोर्ड ने शीर्षक बदलने और प्रशासन के चित्रण को लेकर 21 कट्स की मांग की। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, फिल्म को बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 'Satluj' नाम से रिलीज़ किया गया। दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव पर बताया कि फिल्म की टीम ने प्रमोशनल प्रयासों को सीमित करने का निर्णय लिया ताकि और देरी न हो।


खालरा का संघर्ष और फिल्म का संदेश

फिल्म 'Satluj' खालरा के आरोपों पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने पंजाब पुलिस पर कई बिना न्यायिक हत्याओं का आरोप लगाया। खालरा ने तत्कालीन पंजाब डीजीपी केपीएस गिल को इन कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया और यहां तक कि उन्हें बहस के लिए चुनौती दी। उनका यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैला, जिसमें उन्होंने कनाडाई संसद में भी भाषण दिया। फिल्म में खालरा के अपहरण और 1995 में हत्या की कहानी को दर्शाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 2005 में चार पुलिस अधिकारियों को सजा मिली। फिल्म खालरा की कहानी और एक प्रमुख आरोपी अधिकारी की रहस्यमय मौत के बीच समानांतर खींचती है, जो एक कवर-अप का संकेत देती है।