क्या 'हनुमान अंश' फिल्म पर सियासत का साया? जानें कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की राय
सियासी बयानबाजी के बीच 'हनुमान अंश' का विमोचन
मुंबई, 6 सितंबर। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' के रिलीज के बाद से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां बाबा के गांव और परिवार के सदस्यों ने फिल्म को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है, वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस पर अपनी राय व्यक्त की है।
कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने इस फिल्म के माध्यम से धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा के राम कदम ने कहा कि हर मुद्दे को विवाद में नहीं बदलना चाहिए।
राशिद अल्वी ने कहा, 'जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से धर्म को राजनीति में लाया गया है। हर चुनाव राम मंदिर के नाम पर लड़ा जाता है।'
उन्होंने करोड़ों के गबन के आरोपों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अल्वी ने कहा, 'आस्था के मुद्दों पर राजनीति करना और लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करना गलत है। 'हनुमान अंश' जैसी फिल्मों के जरिए लोगों के दिमाग पर असर डालने का प्रयास किया जा रहा है।'
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, 'मैंने अभी तक 'हनुमान अंश' नहीं देखी है। फिल्म देखे बिना इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। हर फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले सेंसर बोर्ड द्वारा समीक्षा की जाती है।'
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे ध्यान रखें कि भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है। फिल्में ऐसी होनी चाहिएं जो लोगों को जोड़ें, न कि तोड़ें।
बीजेपी नेता राम कदम ने कहा, 'नीम करौरी बाबा को लोग गहरी आस्था से देखते हैं। मैंने फिल्म नहीं देखी, लेकिन अगर किसी को आपत्ति है, तो पहले फिल्म का कंटेंट समझना चाहिए। हर चीज को विवाद का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।'
फिल्म 'हनुमान अंश' नीम करौली बाबा के आध्यात्मिक सफर को दर्शाती है। कहानी 1942 के दौर में भोसले के किरदार से शुरू होती है, जो अपने पोते को बाबा के बारे में बताता है। फिल्म में दिखाया गया है कि बाबा उस समय पुलिस से उसकी रक्षा करते हैं।
कहानी आगे बढ़ते हुए लक्ष्मी नारायण के बचपन तक पहुंचती है, जो अपनी मां के निधन के बाद ईश्वर की खोज में निकल पड़ता है। उसकी यह यात्रा उसे मंदिरों, जंगलों और गांवों से गुजरते हुए एक गहन आध्यात्मिक अनुभव देती है।
फिल्म का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। मुख्य किरदार में शोभिनव डब्ल्यू सत्या हैं, जबकि बाल कलाकार विहान एस. हेगड़े ने अपने किरदार में अच्छा प्रदर्शन किया है।