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क्या साउथ सिनेमा की पाइरेसी बन गई है एक बड़ा संकट? जानें थलपति विजय की फिल्म 'जय नायकन' के लीक होने की कहानी!

साउथ सिनेमा में पाइरेसी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, हाल ही में थलपति विजय की अंतिम फिल्म 'जय नायकन' लीक हो गई है। इस घटना ने साउथ सिनेमा के बड़े सितारों को चिंतित कर दिया है। इससे पहले भी कई बड़ी फिल्में जैसे 'पुष्पा 2' और 'केजीएफ चैप्टर 2' भी पाइरेसी का शिकार हो चुकी हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या कह रहे हैं निर्माता और कलाकार।
 

साउथ सिनेमा में पाइरेसी का बढ़ता खतरा


मुंबई, 11 अप्रैल। किसी भी फिल्म का निर्माण एक महंगा और मेहनती प्रक्रिया है, जिसमें करोड़ों रुपये और कई लोगों की मेहनत शामिल होती है। निर्माता के निवेश के साथ-साथ, कलाकारों और निर्देशकों के सपने भी इस प्रक्रिया से जुड़े होते हैं।


इसलिए, एक फिल्म कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है और निर्माता के लिए यह लाभ का सौदा बन सकती है। हाल ही में, साउथ सिनेमा की चर्चित फिल्म 'जय नायकन', जो थलपति विजय की अंतिम तमिल फिल्म है, लीक हो गई है। इससे साउथ सिनेमा के बड़े सितारे चिंतित हैं। यह पहली बार नहीं है जब दक्षिण भारतीय फिल्मों का बजट लीक हुआ है। पाइरेसी ने हिंदी और साउथ सिनेमा की कई फिल्मों को प्रभावित किया है।


अल्लू अर्जुन की 'पुष्पा 2: द रूल' ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन रिलीज के कुछ घंटों बाद ही यह लीक हो गई। इसका एचडी संस्करण टेलीग्राम और अवैध टॉरेंट साइटों पर उपलब्ध हो गया, जिससे फिल्म की पहुंच आसान हो गई। निर्माताओं ने बताया कि इससे फिल्म की कमाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।


यश और संजय दत्त की 'केजीएफ चैप्टर 2' भी पाइरेसी का शिकार हुई। फिल्म का पोस्टर और टीजर ट्रेलर के रिलीज से पहले ही लीक हो गया था। रिलीज के बाद, यह विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपलब्ध हो गई।


'आरआरआर' जैसी महाकवि फिल्म को बनाने में राजामौली को 5 साल लगे, लेकिन रिलीज के बाद इसका एचडी प्रिंट ऑनलाइन लीक हो गया। फिल्म के गाने भी सोशल मीडिया पर लीक हुए थे। हालांकि, निर्माताओं ने फिल्म को सुरक्षित तरीके से रिलीज किया।


बाहुबली और बाहुबली-2 के कुछ दृश्य भी लीक हुए थे। राजामौली ने इस समस्या के समाधान के लिए पोस्ट-प्रोडक्शन का काम रोक दिया था। आंध्र प्रदेश पुलिस ने फुटेज चुराने के आरोप में एक डिजाइनर को गिरफ्तार किया था।