क्या 'सहिया' को मिलेगा सेंसर सर्टिफिकेट? बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई में दिया नया आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट का निर्देश
मुंबई, 15 अक्टूबर। फिल्म 'सहिया' के सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को 27 अक्टूबर तक अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है। यह निर्देश फिल्म के निर्माता और निर्देशक संजय शर्मा की याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
सुनवाई में उठे मुद्दे
संजय शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए। उनके साथ अधिवक्ता एसएम हैदर, अब्दुल तल्हा, मोहम्मद शाज और सुरभि ने भी पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान फिल्म के प्रमाणन में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया। निर्माता ने कहा कि मई में आवेदन करने के बावजूद अब तक फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं मिला है, जिससे उसकी रिलीज प्रभावित हो रही है।
सेंसर बोर्ड की प्रतिक्रिया
सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड के वकील ने अदालत को बताया कि 23 अक्टूबर को फिल्म के लिए रिवाइजिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। इस पर संजय शर्मा के अधिवक्ताओं ने सवाल उठाया कि केवल कमेटी के गठन की तारीख बताने से फिल्म के प्रमाणन पर निर्णय आने की समयसीमा तय नहीं होती। कमेटी फिल्म कब देखेगी और कब तक अपना फैसला देगी, यह स्पष्ट नहीं था।
निर्माता का पक्ष
निर्माता ने अदालत को बताया कि फिल्म के प्रमाणन के लिए 30 मई 2026 को आवेदन किया गया था। इसके बाद फिल्म की स्क्रीनिंग और पुनरीक्षण की प्रक्रिया चली। जुलाई में पहली स्क्रीनिंग हुई, जबकि अगस्त में फिल्म को पुनरीक्षण समिति के सामने रखा गया। 27 अगस्त को फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया गया।
अगली सुनवाई और फिल्म की कहानी
सुनवाई में अदालत ने सेंसर बोर्ड को तय समयसीमा में फैसला लेने का निर्देश दिया है। अब बोर्ड को 27 अक्टूबर तक फिल्म के प्रमाणन पर अंतिम आदेश जारी करना होगा। संजय शर्मा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था, जब फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार किया गया। निर्माता का कहना है कि 'सहिया' हिंसा का समर्थन नहीं करती, बल्कि यह प्रेम और मानवीय संवेदनाओं की कहानी है।
फिल्म की पृष्ठभूमि
'सहिया' झारखंड की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसकी कहानी एक नवविवाहित जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी हिंसा, डर और संदेह के बीच उलझ जाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि संघर्ष के हालात में आम लोगों के रिश्तों, सपनों और रोजमर्रा की जिंदगी पर किस तरह असर पड़ता है।
फिल्म की शूटिंग और कलाकार
फिल्म की शूटिंग झारखंड के नेतरहाट और आसपास के प्राकृतिक स्थलों पर की गई है। इसमें नीरज काबी, शांतनु माहेश्वरी, रिंकू राजगुरु और इश्तियाक खान जैसे कलाकार शामिल हैं। संजय शर्मा ने अदालत के निर्देश को महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि सेंसर बोर्ड अब फिल्म की कहानी और उसके मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष निर्णय करेगा।
सेंसर बोर्ड के फैसले का इंतजार
फिलहाल, सभी की नजरें सेंसर बोर्ड के फैसले पर हैं। बोर्ड को 27 अक्टूबर तक 'सहिया' पर अंतिम आदेश देना है, जबकि मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में होगी।