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क्या 'यादव जी की लव स्टोरी' का नाम बदलने की होगी जरूरत? जानें विवाद की पूरी कहानी!

फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में फिल्म के शीर्षक को बदलने और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक और कंटेंट एक विशेष समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणा बना सकता है। फिल्म की कहानी एक अंतरधार्मिक प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसमें सामाजिक दबाव और धर्म की बाधाएं प्रमुख हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर विवाद गहराया


नई दिल्ली, 24 फरवरी। आगामी फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' के खिलाफ विवाद बढ़ता जा रहा है। इस फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने और इसके शीर्षक को बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि यदि फिल्म इसी नाम से प्रदर्शित होती है, तो इससे जातिगत तनाव उत्पन्न हो सकता है और सामाजिक सद्भाव को खतरा हो सकता है।


याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म के शीर्षक और विषयवस्तु से एक विशेष समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है। इसमें जाति सूचक शब्द 'यादव जी' का जानबूझकर उपयोग किया गया है, जो यादव समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है और समाज में दुश्मनी की भावना को बढ़ावा दे सकता है।


इसके अलावा, याचिका में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देते समय इस संवेदनशील मुद्दे को नजरअंदाज किया। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि फिल्म का शीर्षक और विषय किसी विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत न करे।


याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों से इस फिल्म के खिलाफ विरोध की घटनाएं सामने आई हैं। यादव समुदाय के लोग कई जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और फिल्म के शीर्षक और कहानी पर आपत्ति जता रहे हैं।


यह ध्यान देने योग्य है कि 'यादव जी की लव स्टोरी' की कहानी एक अंतरधार्मिक प्रेम कहानी पर आधारित है। फिल्म में सिंपल यादव नाम की एक लड़की और वसीम अख्तर नाम के युवक के बीच प्रेम संबंध को दर्शाया गया है, जिसमें सामाजिक दबाव, परिवार की इच्छाएं और धर्म की बाधाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस विषय पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं।


कुछ स्थानों पर यादव समाज के संगठनों ने ज्ञापन सौंपे हैं, जबकि अन्य स्थानों पर नेताओं ने जुलूस निकाले हैं। कुछ जिलों में फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के ट्रेलर और शीर्षक को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।