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क्या यश ने अपने बेटे को रावण की भूमिका समझाई? जानें इस दिलचस्प बातचीत के बारे में!

अभिनेता यश ने अपने बेटे को 'रामायण' फिल्म में रावण की भूमिका के बारे में समझाने का दिलचस्प अनुभव साझा किया। बेटे की प्रतिक्रिया ने यश को यह एहसास कराया कि बच्चों पर रामायण की कहानी का गहरा प्रभाव पड़ता है। जानें कैसे यश ने अपने बेटे को अभिनय और वास्तविकता के बीच का अंतर समझाया और रावण के चरित्र के बारे में चर्चा की। इस बातचीत में यश ने राम के आदर्शों और रावण के विनाश के कारणों पर भी प्रकाश डाला।
 

यश की रावण की भूमिका पर बेटे की प्रतिक्रिया

मुंबई, 01 नवंबर (वेब वार्ता)। अभिनेता यश, जो कि बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' में रावण का किरदार निभा रहे हैं, को अपने बेटे के सामने इस भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण देना पड़ा। जब यश ने अपने बेटे को बताया कि वह रावण का किरदार निभा रहे हैं, तो बच्चे की प्रतिक्रिया ने उन्हें चौंका दिया। बेटे ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बुरे इंसान हैं और उन्हें रावण का रोल नहीं करना चाहिए। यश ने हाल ही में इस दिलचस्प अनुभव को साझा किया, जिसमें उन्हें अपने बेटे को अभिनय और वास्तविकता के बीच का अंतर समझाना पड़ा।


बेटे ने पूछा- क्या आप रावण हैं?


यश ने बताया कि उनके बेटे को अब तक यह पता था कि उनके पिता हमेशा नायक की भूमिका में होते हैं। लेकिन जब उसे यह जानकारी मिली कि यश इस फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे हैं, तो वह असमंजस में पड़ गया। उसने यश से पूछा कि क्या वह सच में रावण बन रहे हैं।


यश ने बेटे को समझाया कि यह असल जिंदगी नहीं है, बल्कि सिनेमा है और वह केवल एक पात्र का अभिनय कर रहे हैं। लेकिन बच्चे को यह बात समझाना आसान नहीं था। उसने कहा कि रावण तो बुरा था, और वह ऐसा किरदार कैसे निभा सकते हैं।


यश ने बेटे की नाराजगी को दूर करने के लिए उसे विस्तार से समझाया। इसके लिए उन्होंने रावण के चरित्र से जुड़ी तस्वीरें भी दिखाई, ताकि बच्चा समझ सके कि फिल्म में किसी पात्र का अभिनय करना और असल जिंदगी में वैसा होना दो अलग बातें हैं।


राम और रावण के बीच का अंतर भी समझाया


अभिनेता ने बताया कि उन्हें अपने बेटे के साथ बैठकर रामायण की मूल भावना और भगवान राम के आदर्शों पर भी चर्चा करनी पड़ी। उन्होंने बेटे को बताया कि भगवान राम मर्यादा, सत्य, धर्म और आदर्श आचरण के प्रतीक हैं। हर व्यक्ति को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सही मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।


यश ने यह भी बताया कि रावण एक शक्तिशाली और विद्वान व्यक्ति था, लेकिन उसके अहंकार और अधर्म ने उसके विनाश का कारण बना। उन्होंने बेटे को समझाया कि किसी व्यक्ति की शक्ति और प्रभाव से ज्यादा महत्वपूर्ण उसके कर्म और नैतिक मूल्य होते हैं। जीवन में असली विजय हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने से ही मिलती है। उन्होंने बेटे से कहा कि वह फिल्म देखने के बाद अपने पिता के अभिनय पर गर्व कर सकता है, लेकिन रावण के चरित्र को अपने आदर्श के रूप में नहीं मानना चाहिए।


बेटे ने पूछा- क्या अंत में रावण की हार होती है?


यश ने बातचीत का एक और दिलचस्प प्रसंग साझा करते हुए बताया कि बेटे ने उनसे यह भी पूछा कि क्या कहानी के अंत में रावण हारता है और क्या उसकी मृत्यु होती है। बच्चे के इन सवालों ने यश को यह एहसास कराया कि रामायण की कहानी का बाल मन पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है।


अभिनेता के अनुसार, जब उन्होंने इस फिल्म में काम करने का निर्णय लिया था, तब उनके मन में दर्शकों के सामने रावण के चरित्र को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की चुनौती थी। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस भूमिका के कारण उन्हें अपने बेटे को इतनी विस्तार से समझाना पड़ेगा।


यश के लिए यह अनुभव खास रहा, क्योंकि उन्हें पहली बार अपने बेटे को यह समझाने का मौका मिला कि एक कलाकार अपनी भूमिकाओं के माध्यम से विभिन्न व्यक्तित्वों और भावनाओं को पर्दे पर जीवंत करता है। किसी नकारात्मक पात्र का अभिनय करने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार स्वयं भी वैसा ही है।


नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही है रामायण


गौरतलब है कि निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश लंकापति रावण की भूमिका में दिखाई देंगे।


इस फिल्म के निर्माण में यश भी शामिल हैं और वह इसके सह-निर्माता हैं। भव्य स्तर पर तैयार की जा रही इस फिल्म का उद्देश्य भारतीय महाकाव्य रामायण की कथा को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में प्रस्तुत करना है। फिल्म की कहानी, कलाकारों की भूमिकाओं और निर्माण को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।