क्या फिल्में हिंसा को बढ़ावा देती हैं? राम गोपाल वर्मा का विवादास्पद बयान
राम गोपाल वर्मा की प्रतिक्रिया
मुंबई, 01 नवंबर (वेब वार्ता)। फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा (आरजीवी) ने उन फिल्मों की आलोचना पर अपनी राय व्यक्त की है, जिन पर हिंसा को सामान्य बनाने का आरोप लगाया गया है। रविवार को उन्होंने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा कि हिंसक विषयों वाली फिल्मों के प्रति जो नाराजगी दिखाई जाती है, वह अक्सर गलत दिशा में होती है।
उन्होंने कहा, “फिल्मों को हिंसा के लिए दोष देना, ठीक उसी तरह है जैसे अपहरण की घटनाओं के बढ़ने के लिए रामायण को जिम्मेदार ठहराना।”
हाल ही में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के रापताडु में एक स्कूल में चेन-सॉ से हमला करने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 21 वर्षीय हेमंत ने 10वीं कक्षा के क्लासरूम में घुसकर 15 साल की एक छात्रा पर चेन-सॉ से हमला किया।
लक्ष्मी नाम की एक अन्य छात्रा ने अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप वह भी घायल हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी काफी समय से उस छात्रा का पीछा कर रहा था। जब लड़की ने उसके प्रस्तावों को ठुकरा दिया, तो उसने हमला कर दिया। पीड़िता का बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने फिल्म निर्माता संदीप रेड्डी वांगा की आलोचना की। उन्होंने उनकी फिल्म ‘एनिमल’ का जिक्र किया, जिसमें रणबीर कपूर एक लोडेड बंदूक लेकर स्कूल के क्लासरूम में घुसते हैं। इस भयावह घटना के बाद उस दृश्य पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
एक यूजर ने लिखा, “जब ध्रुव राठी ने आदित्य धर और संदीप रेड्डी वांगा पर ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों के जरिए हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था, तो राइट-विंग के लोगों ने उन्हें गालियां दी थीं। अब हम देख रहे हैं कि नफरत को सामान्य मानने और हिंसा को महिमामंडित करने के क्या परिणाम होते हैं। भारत में सिनेमा पर सवाल उठाना उस मानसिकता पर सवाल उठाने से भी बड़ा अपराध माना जाता है, जिसे ये फिल्में बढ़ावा देती हैं।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म एनिमल में एक सीन है, जिसमें रणबीर कपूर एके-47 लेकर क्लासरूम में घुसते हैं। ऐसी फिल्मों का नतीजा यही होता है। संदीप रेड्डी वांगा और रणबीर कपूर जैसे अभिनेताओं को युवाओं के दिमाग में जहर घोलने के लिए कब जिम्मेदार ठहराया जाएगा?”
एक तीसरे यूजर ने कहा, “वास्तविक दुनिया की भयावह घटनाओं को देखना सच में डरावना है और फिर लोगों को संदीप वांगा का बचाव करते देखना, जो स्क्रीन पर अत्यधिक और बेतहाशा हिंसा को ‘मर्दाना’ या ‘अल्फा’ व्यवहार के रूप में पेश करते हैं, यह सब इस पागलपन का महिमामंडन करता है और हमारी बुनियादी मानवीय संवेदनाओं को खत्म कर रहा है।”
आरजीवी ‘एनिमल’ के निर्देशक के मुखर समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से संदीप और उनकी फिल्म निर्माण शैली की तारीफ की है, जबकि संदीप खुद आरजीवी को अपना आदर्श मानते हैं। इस बीच, आरोपी का पता लगा लिया गया है और उसे धर्मावरम में हिरासत में ले लिया गया है।