क्या 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' के निर्माता विपुल शाह को हाईकोर्ट से मिले नोटिस का क्या होगा असर?
केरल हाईकोर्ट का नोटिस
कोच्चि, 18 जून। केरल हाईकोर्ट ने फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को एक याचिका के संबंध में नोटिस जारी किया है। इस याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है और इसके शीर्षक से 'केरल' शब्द हटाने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति पी.वी. कुनिहिकृष्णन की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान यह सवाल उठाया कि क्या यह याचिका अब अप्रासंगिक हो गई है, क्योंकि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है और इसे दर्शकों द्वारा देखा जा चुका है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है, जिससे इसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म का कंटेंट केरल की छवि को नुकसान पहुंचाता है और समाज में गलत संदेश फैलाता है। कुछ हिस्से ऐसे हैं जो गलतफहमी पैदा कर सकते हैं और सामाजिक एकता को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि फिल्म का कंटेंट भारतीय न्याय संहिता के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन करता है। यह फिल्म समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर सकती है।
याचिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड को भी पक्षकार बनाने की मांग की गई है, क्योंकि फिल्म इसी प्लेटफॉर्म पर 1 मई को रिलीज हुई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब फिल्म डिजिटल रूप से उपलब्ध है, तो प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसके कंटेंट पर ध्यान दे।
याचिकाकर्ता ने अदालत में कुछ अतिरिक्त सबूत भी पेश किए हैं, जिसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी को भेजा गया ईमेल और सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट शामिल हैं। इन सबूतों के माध्यम से यह दावा किया गया है कि फिल्म को कुछ स्थानों पर वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया जा रहा है, जिससे कुछ समुदायों के खिलाफ नकारात्मक धारणा बन रही है।
यह पहली बार नहीं है जब यह मामला अदालत में पहुंचा है। इससे पहले भी फिल्म की रिलीज को लेकर विवाद हुआ था और विभिन्न याचिकाएं दाखिल की गई थीं। उस समय जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने खुद को मामले से अलग कर लिया था। एक डिवीजन बेंच ने फिल्म पर लगी अस्थायी रोक हटा दी थी, जिसके बाद फिल्म रिलीज हो पाई।