क्या 'तू है मेरी किरण' और 'तुम मेरे हो' की असफलता का कारण है प्रमोशन की कमी?
फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर असफलता
मुंबई, 28 अक्टूबर। बॉक्स ऑफिस पर 'तू है मेरी किरण' और 'तुम मेरे हो' जैसी फिल्मों ने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया है। ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने इस विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म 'तू है मेरी किरण' के प्रमोशन की कमी एक महत्वपूर्ण कारण है। वहीं, गुरमीत चौधरी की 'तुम मेरे हो' के लिए उन्होंने कहा कि फिल्म का म्यूजिक और स्टारकास्ट दर्शकों को आकर्षित करने में असफल रहे।
गिरीश वानखेड़े ने कहा, ''फिल्म 'तू है मेरी किरण' की सबसे बड़ी समस्या इसकी विजिबिलिटी का अभाव था। दर्शकों के बीच फिल्म के बारे में जानकारी की कमी थी। रिलीज से केवल छह से सात दिन पहले ही इसकी चर्चा शुरू हुई, जिससे दर्शकों में उत्सुकता पैदा करना मुश्किल हो गया।''
उन्होंने आगे कहा, ''फिल्म को कम से कम एक महीने पहले प्रमोट किया जाना चाहिए था। सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं हैं कि बिना पब्लिसिटी के दर्शक फिल्म देखने आएं। यदि फिल्म के बारे में चर्चा करने में कठिनाई हो, तो दर्शकों को थिएटर तक लाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?''
वानखेड़े ने सोनाक्षी की पिछली फिल्म 'निकिता रॉय' का भी उल्लेख किया, जिसमें भी बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि इस बार दर्शकों तक पहुंचने के लिए अधिक प्रमोशन की आवश्यकता थी।
गुरमीत चौधरी की 'तुम मेरे हो' पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ''इस फिल्म में ऐसा कुछ खास नहीं था, जो दर्शकों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करे। रोमांटिक फिल्मों में म्यूजिक महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस फिल्म के गाने लोगों के बीच लोकप्रिय नहीं हो सके।''
वानखेड़े ने कहा, ''गुरमीत चौधरी टीवी के लिए एक बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन फिल्मों में उनका आकर्षण अभी तक दर्शकों को नहीं खींच सका। मुझे लगता है कि 'तुम मेरे हो' का म्यूजिक और स्टारकास्ट दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में असफल रहे।''
उन्होंने आने वाली फिल्मों, रणबीर कपूर की 'रामायण' और शाहरुख खान की 'किंग' के बारे में भी अपनी राय दी। उनके अनुसार, ''दोनों फिल्में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं, लेकिन 'किंग' बाजी मार सकती है। 'रामायण' पहले दिन 110 से 115 करोड़ रुपए का कारोबार कर सकती है।''