क्या 'चिरैया' सीरीज से बदलेंगे घरेलू अन्याय के प्रति नजरिए? दिव्या दत्ता की अदाकारी पर फिदा हैं फैंस!
दिव्या दत्ता की नई सीरीज 'चिरैया' का प्रभाव
मुंबई, 25 मार्च। अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बना लिया है। वे अक्सर ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनती हैं जो समाज में व्याप्त कुरीतियों और गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसी क्रम में, वे अपनी नई सीरीज 'चिरैया' लेकर आई हैं, जो घरेलू अन्याय के मुद्दे को उठाती है।
यह सीरीज अब जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध है और इसके छह एपिसोड दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। अभिनेत्री अंजना सिंह ने इंस्टाग्राम पर इस सीरीज की सराहना की है, जहां उन्होंने एक महत्वपूर्ण दृश्य साझा करते हुए लिखा, "यह सीरीज उस स्थान को छूती है जहां दर्द होता है, पितृसत्तात्मक मानसिकता के मूल को।"
निर्देशक शशांत शाह ने इस सीरीज के माध्यम से घरेलू अन्याय और वैवाहिक संबंधों में सहमति जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल उठाए हैं। वे यह पूछते हैं कि क्या शादी करने से जीवनभर की सहमति मिल जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने उन कुरीतियों पर भी विचार करने के लिए प्रेरित किया है जो समाज में वर्षों से प्रचलित हैं।
'चिरैया' की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शादी के बाद भी अपने अधिकारों और सहमति के मुद्दे पर आवाज उठाती है। यह सीरीज सीधे तौर पर पूछती है, क्या शादी करने से जीवनभर की सहमति मिल जाती है? क्या पति को जबरदस्ती करने का अधिकार है?
इस सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में हैं, जो कुरीतियों पर सवाल उठाते हुए अपने परिवार के खिलाफ भी खड़ी होती हैं। संजय मिश्रा भी इस सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा, सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टीनू आनंद और सरिता जोशी जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। यह सीरीज एसवीएफ एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित है और जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है।
'चिरैया' केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को एक आईना दिखाती है। यह दर्शाती है कि विवाह सहमति का लाइसेंस नहीं है और कानूनी पहलुओं की कमी को भी उजागर करती है, जहां मैरिटल रेप अभी भी पूरी तरह से अपराध नहीं माना जाता।