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क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने महिलाओं की कहानियों को नया जीवन दिया?

भूमि पेडनेकर ने हाल ही में मेनस्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं की कहानियों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने महिलाओं को मजबूत और विविध किरदार निभाने का अवसर दिया है। भूमि का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर महिलाएं अधिक वास्तविक और साहसी कहानियों का हिस्सा बन रही हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। जानें भूमि के विचार और इस बदलाव के पीछे की वजहें।
 

भूमि पेडनेकर का मेनस्ट्रीम सिनेमा पर बयान




मुंबई, 31 मार्च। फिल्म उद्योग में समय के साथ कई परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। जहां बड़े बजट की फिल्मों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कंटेंट पर आधारित सिनेमा और मजबूत कथानकों की प्रासंगिकता पर चर्चा भी जारी है। विशेष रूप से महिलाओं पर केंद्रित कहानियों के संदर्भ में यह सवाल उठता है कि क्या मेनस्ट्रीम सिनेमा में उनके लिए स्थान कम होता जा रहा है। इस विषय पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की।


भूमि पेडनेकर ने कहा, "मुझे लगता है कि बड़े पर्दे पर महिलाओं की नेतृत्व वाली कहानियों की संख्या धीरे-धीरे घट रही है। पहले की तुलना में अब ऐसी फिल्में कम बन रही हैं, जिनमें महिला पात्र कहानी का मुख्य केंद्र हों। यह बदलाव निराशाजनक है, क्योंकि महिलाओं की कहानियां समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।"


भूमि ने अपने करियर की शुरुआत के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं चुनने की कोशिश की है। उन्होंने 2015 में फिल्म 'दम लगा के हईशा' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार ऐसी फिल्मों में काम किया, जो सामाजिक मुद्दों को उजागर करती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।


उन्होंने आगे कहा, "हालांकि मेनस्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं की कहानियों की संख्या कम हो रही है, लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म इस कमी को काफी हद तक पूरा कर रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं को अधिक मजबूत और विविध किरदार निभाने का अवसर मिल रहा है। यहां की कहानियां अधिक वास्तविक और साहसी होती हैं, जो अभिनेत्रियों को अपने अभिनय का पूरा दायरा दिखाने का मौका देती हैं।"


भूमि ने कहा, "महिलाएं हमेशा से अपने किरदारों के चुनाव में साहसी रही हैं। वे ऐसे रोल्स चुनती हैं जो केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज को कुछ नया सोचने के लिए प्रेरित करें। ओटीटी प्लेटफॉर्म इस तरह के प्रयोगों के लिए सही जगह बनकर उभरा है, जहां कलाकार बिना किसी बंधन के अपने काम को बेहतर तरीके से पेश कर सकते हैं।"


भूमि ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स उन्हें बतौर कलाकार आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करते हैं। दर्शकों की पसंद भी अब बदल रही है और वे ऐसी कहानियों को अधिक पसंद कर रहे हैं, जिनमें गहराई और वास्तविकता हो।