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क्या आप तैयार हैं? अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की '1942: ए लव स्टोरी' फिर से लौट रही है नए अंदाज में!

अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की प्रसिद्ध फिल्म '1942: ए लव स्टोरी' अब नए तकनीकी सुधारों के साथ फिर से सिनेमाघरों में आने वाली है। इस फिल्म को 8K गुणवत्ता में तैयार किया गया है और इसकी आवाज को डॉलबी 5.1 सराउंड साउंड में बेहतर बनाया गया है। जैकी श्रॉफ ने इस री-रिलीज की जानकारी साझा की है, जिसमें फिल्म के हर फ्रेम पर बारीकी से काम किया गया है। जानें इस क्लासिक फिल्म की कहानी और इसके पीछे की मेहनत के बारे में।
 

अनिल कपूर और मनीषा कोइराला का रोमांस फिर से बड़े पर्दे पर




मुंबई, 16 जुलाई। कुछ फिल्में केवल मनोरंजन के लिए नहीं बनाई जातीं, बल्कि वे भारतीय सिनेमा के इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को फिर से जीवित करती हैं। 1994 में रिलीज हुई विधु विनोद चोपड़ा की '1942: ए लव स्टोरी' भी ऐसी ही एक फिल्म है, जिसने भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। अब, इसके मेकर्स इसे फिर से दर्शकों के सामने लाने की योजना बना रहे हैं।


गुरुवार को अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर इस फिल्म की री-रिलीज की घोषणा की। उन्होंने फिल्म से जुड़ी कुछ तस्वीरें साझा कीं और लिखा, "'1942: ए लव स्टोरी' एक अद्भुत प्रेम और देशभक्ति की कहानी है, जो 15 जुलाई 1994 को प्रदर्शित हुई थी। इस क्लासिक फिल्म के 32 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे अब 8K गुणवत्ता में फिर से तैयार किया गया है और इसकी ऑडियो को डॉलबी 5.1 सराउंड साउंड के साथ और भी बेहतर बनाया गया है।"


जैकी ने आगे बताया कि इस फिल्म को नए रूप में लाने का कार्य इटली के 'एल'इममैजिन रिट्रोवाटा' बोलोग्ना और भारत के प्रसाद फिल्म लैब, चेन्नई की टीम ने मिलकर किया है। फिल्म के हर फ्रेम को बारीकी से सुधारा गया है, जिसमें 2,33,759 फ्रेम्स पर लगभग 8,518 घंटे का काम किया गया है।


उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की आवाज को आधुनिक तकनीक से साफ और बेहतर बनाया गया है, जिसमें 200 से अधिक घंटे का काम किया गया। जैकी ने कहा, "अब यह यादगार फिल्म एक नए अनुभव के साथ फिर से सिनेमाघरों में लौटने के लिए तैयार है।"


विधु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्देशित '1942: ए लव स्टोरी' भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, विशेषकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि में प्रेम और देशभक्ति की एक खूबसूरत कहानी है।


फिल्म की कहानी नरेन (अनिल कपूर) और राजेश्वरी उर्फ 'रज्जो' (मनीषा कोइराला) के इर्द-गिर्द घूमती है। नरेन एक ब्रिटिश समर्थक राजनेता का बेटा है, जबकि रज्जो एक कट्टर स्वतंत्रता सेनानी की बेटी है। जैसे-जैसे स्वतंत्रता आंदोलन तेज होता है, इन दोनों प्रेमियों को अपने परिवारों की निष्ठा, राजनीतिक विचारधाराओं और व्यक्तिगत बलिदान के बीच संघर्ष करना पड़ता है।