क्या आप जानते हैं लता मंगेशकर की याद में आयोजित 'सुरीला सफर-30' में क्या हुआ?
लता मंगेशकर की धुनों का जादू
मुंबई, 27 सितंबर। मुंबई के टैगोर थिएटर में 'सुरीला सफर-30: एन इवनिंग ऑफ बॉलीवुड मेलोडीज' का आयोजन किया गया, जिसमें लता मंगेशकर की अद्भुत संगीत विरासत को श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने भाग लिया और लता जी के साथ बिताए अपने सुनहरे पलों को साझा किया।
पूनम ने बताया कि उनके फिल्मी करियर में लता मंगेशकर की आवाज का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि लता जी के बिना हिंदी सिनेमा का संगीत अधूरा है।
आईएएनएस से बातचीत में पूनम ने कहा, ''लता मंगेशकर हमारे दिलों में बसी हुई हैं। उनके बिना हिंदी फिल्म संगीत अधूरा लगता है। यह देखकर खुशी होती है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें याद किया जा रहा है। यह मेरे लिए विशेष है कि यह कार्यक्रम मेरे प्रिय टैगोर थिएटर में हो रहा है।''
उन्होंने आगे कहा, ''मेरा टैगोर थिएटर से पुराना नाता है। मैं यहां बचपन से कॉन्सर्ट्स में आती रही हूं। इसलिए लता जी को याद करने वाले इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए खास है। उनके गाए गाने हमेशा मेरे दिल में रहेंगे। मेरे करियर की अधिकांश फिल्मों में लता जी की आवाज है, केवल एक-दो को छोड़कर।''
'सुरीला सफर-30' के माध्यम से उन बॉलीवुड मेलोडीज को याद किया गया है, जो आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। इस कार्यक्रम में लता मंगेशकर की संगीत यात्रा को भी याद किया गया। उनके गाए कई गाने आज भी विभिन्न पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय हैं और हिंदी फिल्म संगीत की पहचान बने हुए हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को 92 वर्ष की आयु में हुआ था। कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद उनका निधन हो गया।