क्या आप जानते हैं 'दम लगा के हईशा' के उस मजेदार सीन के पीछे की कहानी?
11 साल बाद भी ताजा है 'दम लगा के हईशा' का जादू
मुंबई, 27 फरवरी। एक दशक पहले, एक ऐसी फिल्म आई थी जिसने दर्शकों को हंसने पर मजबूर किया और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
हम बात कर रहे हैं आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'दम लगा के हईशा' की। इस फिल्म की शूटिंग हरिद्वार के एक छोटे से घर में हुई थी, लेकिन इसकी सफलता ने दर्शकों के दिलों और बॉक्स ऑफिस पर गूंज उठी। आज इस फिल्म की रिलीज को 11 साल हो चुके हैं, और आयुष्मान ने अपने पसंदीदा सीन के बारे में साझा किया है।
आयुष्मान खुराना ने उस कॉमेडी से भरे सीन का जिक्र किया है, जिसमें उन्हें सबसे ज्यादा मजा आया। इस सीन में संध्या और प्रेम प्रकाश की शादी के तुरंत बाद झगड़ा हो जाता है, और दोनों एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे होते। ऐसे में वे 80 के दशक के गानों का सहारा लेते हैं। यह सीन इतना मजेदार है कि आज भी इसे देखकर हंसी रोकना मुश्किल है।
अभिनेता ने इस सीन को साझा करते हुए लिखा, 'दम लगा के हईशा' के मेरे पसंदीदा दृश्यों में से एक। वे गुस्से में हैं, फिर भी संगीत के माध्यम से सब कुछ कह रहे हैं। मुझे यह पल बहुत पसंद है क्योंकि यह दर्शाता है कि जब शब्द साथ नहीं देते, तब भी भावनाएं अपना रास्ता खोज लेती हैं। यह अद्भुत है कि संगीत अपने आप में संवाद बन सकता है और कभी-कभी यह शब्दों से भी ज्यादा कह जाता है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'दम लगा के हईशा' भूमि पेडनेकर की पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने लगभग 100 किलो वजन के साथ अभिनय किया। यह पहली बार था जब हिंदी सिनेमा में इतनी मोटी अभिनेत्री को लीड रोल में पेश किया गया। फिल्म का विषय मोटापे और रिश्तों पर आधारित था। रिलीज के बाद भूमि ने 35 किलो वजन कम किया।
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता हासिल की। इसका बजट 14 करोड़ रुपये था, जबकि इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 40 करोड़ रुपये और वैश्विक स्तर पर लगभग 43 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। फिल्म की सराहना इसलिए भी की गई क्योंकि इसे सीमित स्थान और स्क्रीन स्पेस में पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने के साथ बनाया गया था।