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क्या आप जानते हैं आशा भोसले का मधुबाला और किशोर कुमार की प्रेम कहानी में क्या था योगदान?

इंडियन आइडल के अगले एपिसोड में आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसमें श्रेया घोषाल मधुबाला और किशोर कुमार की प्रेम कहानी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करेंगी। इस एपिसोड में गाने 'हाल कैसा है जनाब का' पर परफॉर्मेंस भी होगी, जो दर्शकों को पुराने दौर की याद दिलाएगी। जानें इस खास एपिसोड में और क्या खास होने वाला है!
 

इंडियन आइडल में आशा भोसले का खास एपिसोड


मुंबई, 16 मई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पुराने गाने और उनके कलाकार आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। इसी संदर्भ में, रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' का अगला एपिसोड विशेष रूप से दिलचस्प होने वाला है। इस एपिसोड में महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस मौके पर गायिका श्रेया घोषाल ने एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।


उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध अभिनेत्री मधुबाला और गायक-अभिनेता किशोर कुमार के बीच प्रेम कहानी की शुरुआत में आशा भोसले का भी एक महत्वपूर्ण संबंध था।


इस शो में प्रतियोगियों चैतन्य देवड़े और ज्योतिर्मयी नायक ने मशहूर गाना 'हाल कैसा है जनाब का' प्रस्तुत किया। इस दौरान श्रेया घोषाल ने इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, 'मैंने सुना है कि इस गाने की शूटिंग के दौरान मधुबाला और किशोर कुमार एक-दूसरे के करीब आए थे। अगर ऐसा है, तो इस प्रेम कहानी में आशा भोसले का योगदान महत्वपूर्ण है।'


इसके बाद, शो के होस्ट आदित्य नारायण ने भी एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, 'एक बार रिकॉर्डिंग के दौरान मधुबाला इतनी खूबसूरत लग रही थीं कि आशा भोसले उन्हें देखकर गाना भूल गई थीं। वह बस मधुबाला को देखती रहीं। मुझे लगता है कि अगर वह लड़का होतीं, तो मधुबाला से प्यार कर बैठतीं।' यह सुनकर सभी लोग हंस पड़े।


प्रतियोगियों की परफॉर्मेंस पर श्रेया घोषाल ने पुराने डुएट गानों की खूबसूरती पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, 'किसी भी डुएट गाने की सबसे बड़ी ताकत उसकी केमिस्ट्री होती है। अगर दो आवाजों में तालमेल और भावनाएं न हों, तो गाना दिलों तक नहीं पहुंच पाता। 'हाल कैसा है जनाब का' में आशा भोसले और किशोर कुमार की आवाजों का तालमेल आज भी खास लगता है।'


उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं यह गाना सुनती हूं, तो मुझे उसमें सिर्फ मधुबाला की छवि नजर आती है। आशा भोसले ने इसे उसी अंदाज में गाया था, जैसे मधुबाला पर्दे पर अभिनय कर रही थीं।'


श्रेय ने आशा भोसले की गायकी की सराहना करते हुए कहा, 'उनकी आवाज में सुर के साथ-साथ अभिनय और भावनाएं भी होती थीं। वह हर शब्द को इतनी खूबसूरती से गाती थीं कि गाना सुनते ही कलाकार का चेहरा आंखों के सामने आ जाता था।'