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कैलाश खेर का जादू: सुभाष घई के स्कूल में छात्रों को दी प्रेरणा

प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने हाल ही में सुभाष घई के एक्टिंग स्कूल, व्हिस्लिंगवुड्स इंटरनेशनल के उद्घाटन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संगीत की दुनिया के बारे में प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए। सुभाष घई ने कैलाश खेर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे दिव्य संगीत की क्रांति के प्रतीक हैं। इसके अलावा, घई ने अपनी नई एनीमेशन फिल्म 'कालीचरण' के बारे में भी जानकारी दी। जानें इस कार्यक्रम की खास बातें और कैलाश खेर का जादू।
 

कैलाश खेर का अद्वितीय संगीत


मुंबई, 31 मार्च। प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने अपने अनोखे सुरों से लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है। उनका गाने का तरीका न केवल अलग है, बल्कि यह सुनने वालों को गहराई से प्रभावित करता है।


हाल ही में, कैलाश खेर ने सुभाष घई के एक्टिंग स्कूल, व्हिस्लिंगवुड्स इंटरनेशनल के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने मनोरंजन क्षेत्र में प्रवेश करने वाले छात्रों को प्रेरित किया और संगीत की दुनिया के बारे में अपने अनुभव साझा किए।


इस कार्यक्रम में फिल्म निर्माता सुभाष घई ने कैलाश खेर के साथ मंच साझा किया। घई ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा करते हुए कैलाश खेर की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, "कैलाश खेर उन दिव्य गायकों में से एक हैं, जिन्होंने भारत में दिव्य संगीत की क्रांति को जन्म दिया। यह एक आध्यात्मिक यात्रा बन गई है।"


सुभाष घई ने कहा कि कैलाश खेर ने उद्घाटन समारोह में छात्रों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए, जो उनके लिए एक अद्भुत अनुभव था।


उन्होंने कैलाश खेर को धन्यवाद देते हुए लिखा, "धन्यवाद कैलाश जी, आपका आशीर्वाद हमेशा बना रहे।"


निर्देशक सुभाष घई ने हाल ही में अपने संस्थान, व्हिस्लिंगवुड्स इंटरनेशनल पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने अपने स्कूल के माध्यम से कई प्रतिभाओं को निखारा है। हाल ही में, उनके छात्रों ने 'रॉकेटशिप' नामक एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसका ट्रेलर जारी किया गया है, लेकिन इसकी रिलीज की तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है।


इसके साथ ही, वे एनीमेशन फिल्मों की दिशा में भी कदम बढ़ाने जा रहे हैं। उनकी पहली एनीमेशन फिल्म 'कालीचरण' होगी। निर्देशक ने इस बारे में बातचीत करते हुए कहा, "मैं सबसे पहले अपनी फिल्म कालीचरण को दिखाना चाहता हूं। इसकी कहानी बहुत दिलचस्प और मजेदार है, और मुझे लगता है कि आज के बच्चों को इसे जानना चाहिए। यह फिल्म थिएटर में भी दिखाई जा सकती है और एनीमेशन के रूप में भी बनाई जा सकती है।"