के. आसिफ: भारतीय सिनेमा के महानायक जिनकी 'मुगल-ए-आजम' ने बदल दी फिल्म इंडस्ट्री
के. आसिफ का प्रारंभिक जीवन और करियर
मुंबई, 13 जून। के. आसिफ, जिनका असली नाम आसिफ करीम है, का जन्म 14 जून 1922 को उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। पारंपरिक शिक्षा में रुचि न होने के कारण उन्होंने आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़कर बंबई का रुख किया। उनके निर्देशन की शुरुआत 1945 में सामाजिक-परिवारिक फिल्म 'फूल' से हुई।
कमाल अमरोही के संवादों से सजी यह फिल्म उस समय की पहली भव्य 'मल्टी-स्टारर' फिल्म मानी जाती है। इसमें एक रूढ़िवादी समाज में एक अधूरी मस्जिद के निर्माण की कहानी को दर्शाया गया था, जो उस समय के लिए बेहद क्रांतिकारी था।
यह फिल्म 1945 की चौथी सबसे बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद, 1951 में उन्होंने दिलीप कुमार और नरगिस के साथ 'हलचल' बनाई, जिसने उन्हें बड़े सितारों और जटिल सेट को संभालने का अनुभव दिया।
मुगल-ए-आजम का निर्माण
के. आसिफ का सपना 'मुगल-ए-आजम' था, जो 1960 में रिलीज हुई। इस फिल्म को बनाने में उन्होंने अपने जीवन के लगभग 12 साल समर्पित किए। विभाजन के प्रभाव, मुख्य अभिनेता चंद्रमोहन की असामयिक मृत्यु और फाइनेंसर शिराज अली के पाकिस्तान चले जाने के बावजूद, उनके हौसले में कमी नहीं आई।
पारसी व्यवसायी शापूरजी पालनजी के सहयोग से जब फिल्म का निर्माण फिर से शुरू हुआ, तो के. आसिफ ने भव्यता की सभी सीमाएं तोड़ दीं।
कहा जाता है कि इस फिल्म का बजट 1.5 करोड़ रुपए था, जो उस समय की सबसे महंगी फिल्म थी। संगीतकार नौशाद के लिए "प्यार किया तो डरना क्या" गीत को 105 बार लिखा गया।
व्यक्तिगत जीवन और अंतिम फिल्म
रुपहले पर्दे पर अमर प्रेम को दर्शाने वाले के. आसिफ का निजी जीवन काफी विवादास्पद रहा। उन्होंने चार बार शादी की, जिनमें से चौथी शादी दिलीप कुमार की छोटी बहन अख्तर बेगम से हुई। दिलीप कुमार इस शादी के खिलाफ थे, और फिल्म 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई।
'मुगल-ए-आजम' के बाद, के. आसिफ ने 1963 में गुरु दत्त के साथ 'लव एंड गॉड' की शुरुआत की, लेकिन गुरु दत्त की अचानक मृत्यु के कारण यह फिल्म अधूरी रह गई।
1970 में संजीव कुमार के साथ इस फिल्म का निर्माण फिर से शुरू हुआ, लेकिन 9 मार्च 1971 को के. आसिफ का निधन हो गया। बाद में, 27 मई 1986 को यह फिल्म रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसे इतिहास की सबसे 'शापित' फिल्मों में गिना जाता है।