कान्स में अंशुमन झा की ‘लकड़बग्घा 2’ का जलवा, जानवरों के अधिकारों की कहानी!
अंशुमन झा की नई फिल्म का कान्स में प्रदर्शन
मुंबई, 12 मई। हाल के वर्षों में भारतीय सिनेमा ने कई ऐसी फिल्में पेश की हैं, जिन्होंने दर्शकों को महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। अब अभिनेता और निर्देशक अंशुमन झा की फिल्म 'लकड़बग्घा 2: द मंकी बिजनेस' को कान्स के 'मार्चे डू फिल्म' में विशेष मार्केट स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। यह फिल्म इस साल अपने आधिकारिक विश्व प्रीमियर से पहले अंतरराष्ट्रीय वितरण की तैयारी कर रही है।
यह फिल्म जानवरों की घटती संख्या और पर्यावरण के प्रति हो रहे नुकसान जैसे गंभीर मुद्दों पर आधारित है।
अंशुमन झा ने कहा, ''पहले भाग में कुत्तों के प्रति प्रेम को दर्शाया गया था, लेकिन इस बार हमने अपनी सोच को और विस्तारित किया है। 'लकड़बग्घा 2: द मंकी बिजनेस' केवल एक जानवर की कहानी नहीं है, बल्कि यह सभी जानवरों की आवाज है। आज जानवरों की संख्या कम हो रही है क्योंकि मानवता धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।''
उन्होंने आगे कहा, ''इस बार फिल्म में हर संघर्ष के पीछे एक गहरी भावना है। यह दर्शकों से सवाल करती है कि इंसान किसके लिए खड़ा है और क्या वह सही चीजों की रक्षा करने के लिए तैयार है।''
अंशुमन ने कहा, "कान्स का यह मंच इस फिल्म को उन दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगा, जो केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि दिल और दिमाग को छूने वाले सिनेमा की तलाश में हैं।"
फिल्म की कहानी इंडोनेशिया की पृष्ठभूमि पर आधारित है, और इसके लड़ाई के दृश्य इस तरह से फिल्माए गए हैं कि दर्शक वास्तविक अनुभव का आनंद ले सकें। फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण से संबंधित संदेश है।
इस फिल्म में 'याकी मंकी' नामक दुर्लभ बंदर की घटती संख्या को दर्शाया गया है। जानकारी के अनुसार, 1990 में इन बंदरों की संख्या लगभग 50,000 थी, लेकिन जंगलों की कटाई और अवैध जानवरों के व्यापार के कारण अब यह संख्या घटकर 5,000 से भी कम रह गई है।