कंगना रनौत ने 'भारत भाग्य विधाता' फिल्म के प्रमोशन में उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
कंगना रनौत ने अपनी आगामी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने नर्सिंग पेशे की गरिमा और समाज की सोच पर चिंता व्यक्त की। कंगना ने 26/11 के हमलों के दौरान नर्सों की वीरता की अनकही कहानी भी साझा की। जानें उन्होंने और क्या कहा और कैसे हमें समाज के कामगारों से सीखने की आवश्यकता है।
Jun 7, 2026, 18:22 IST
कंगना रनौत का फिल्म प्रमोशन और सामाजिक मुद्दे
प्रसिद्ध अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी नई फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रचार में व्यस्त हैं। आज मुंबई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर खुलकर चर्चा की। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है।
नर्सों की यूनिफॉर्म में बदलाव की आवश्यकता
कंगना ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारी नर्सों की यूनिफॉर्म आज भी अंग्रेजों के जमाने की तरह लगती है। इसमें बदलाव की आवश्यकता है और इसे भारतीय रंग-रूप में ढालना चाहिए।"
नर्सिंग पेशे की गरिमा पर चिंता
कंगना ने नर्सिंग पेशे को लेकर समाज की सोच पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "हमारे समाज ने नर्सिंग जैसे सम्मानजनक पेशे को गलत तरीके से पेश किया है। रूढ़िवादी सोच और मीडिया में गलत चित्रण के कारण इस पेशे की गरिमा को नुकसान पहुंचा है, जिसे बदलना आवश्यक है।"
26/11 हमले की नर्सों की अनकही कहानी
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के बारे में बात करते हुए कंगना ने बताया कि यह फिल्म 26/11 के आतंकवादी हमलों के दौरान डॉक्टरों और नर्सों की वीरता की अनकही कहानी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उस रात जब चारों ओर अफरा-तफरी थी, अस्पताल की नर्सों ने 20 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी में मदद की।
कामगारों की सादगी से सीखने की आवश्यकता
कंगना ने आज की पीढ़ी की सोच पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अपनी छोटी दुनिया में जीने लगते हैं और यह मान लेते हैं कि 'दुनिया केवल उन्हीं से शुरू होती है।' हमें समाज के कामगारों से सीखना चाहिए कि वे कैसे बिना दिखावे के अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं।