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उत्तराखंड के छोटे शहरों में दस्तक देगी फिल्म 'पायर', जानें इसकी खासियत!

फिल्म 'पायर' 30 अक्टूबर को रिलीज होने से पहले उत्तराखंड के छोटे शहरों में विशेष प्रदर्शन के लिए तैयार है। यह फिल्म पहाड़ों में रहने वाले बुजुर्ग दंपती की कहानी को दर्शाती है, जिनके बच्चे बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर चुके हैं। जानें इस फिल्म के बारे में और इसके विशेष शो के स्थानों के बारे में।
 

फिल्म 'पायर' का विशेष प्रदर्शन



देहरादून, 12 अक्टूबर (वेब वार्ता)। फिल्म निर्माता विनोद कापड़ी की नई फिल्म 'पायर (चिता)' 30 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होने से पहले उत्तराखंड के तीन शहरों में दिखाई जाएगी। इस फिल्म के विशेष शो 14 से 17 अक्टूबर के बीच बेरीनाग, बागेश्वर और श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित किए जाएंगे।


फिल्म का प्रदर्शन पिक्चरटाइम के मोबाइल थिएटर के माध्यम से किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों के दर्शकों तक सिनेमा पहुंचाना है, जहां स्थायी सिनेमाघरों की कमी है।


कापड़ी ने बताया कि 'पायर' पहाड़ों और वहां के निवासियों की कहानी है। उनका इरादा था कि उत्तराखंड के छोटे शहरों के लोग भी इसे बड़े पर्दे पर देख सकें। उन्होंने कहा कि सिनेमा को भौगोलिक सीमाओं और सुविधाओं की कमी के कारण दर्शकों से दूर नहीं रहना चाहिए। इस पहल के तहत फिल्म को दर्शकों के पास लाने का प्रयास किया जा रहा है।


यह फिल्म उत्तराखंड के पहाड़ों की पृष्ठभूमि में बुजुर्ग दंपती की कहानी को दर्शाती है, जिनके बच्चे बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर चुके हैं। फिल्म में दंपती के इंतजार के माध्यम से अकेलेपन, वृद्धावस्था, पलायन और परिवार से दूर होने के भावनात्मक पहलुओं को उजागर किया गया है।


पिक्चरटाइम का मोबाइल थिएटर मॉडल पोर्टेबल प्रोजेक्शन और ध्वनि सुविधाओं के जरिए उन स्थानों पर भी फिल्म प्रदर्शन की सुविधा देता है, जहां स्थायी सिनेमाघर नहीं हैं। 'पायर' 30 अक्टूबर को हिंदी और मलयालम भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।