☰
×

Ajay Devgn की 'दृश्यम 3' का इंतजार खत्म, जानें क्या है इस थ्रिलर में खास!

अजय देवगन की नई थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम 3: द कन्क्लूज' जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। इस फिल्म में अजय देवगन विजय सलगांवकर के किरदार में लौट रहे हैं, और इसे अभिषेक पाठक ने निर्देशित किया है। शिवालिका ओबेरॉय ने अपने पति की मेहनत की सराहना की है, और फिल्म में पारिवारिक तत्वों की मजबूती पर जोर दिया है। यह फिल्म मौलिक कहानी पर आधारित है और दर्शकों को एक नई सस्पेंस से भरी यात्रा पर ले जाएगी।
 

Ajay Devgn की नई थ्रिलर फिल्म का आगाज़

मुंबई, 1 अक्टूबर। अभिनेता अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम 3: द कन्क्लूज' जल्द ही रिलीज होने वाली है। हाल ही में, फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक की पत्नी और अभिनेत्री शिवालिका ओबेरॉय ने अपने पति की मेहनत की सराहना की, यह बताते हुए कि इस फिल्म के निर्माण में कई रातों की नींद उड़ी है।


शिवालिका ने इंस्टाग्राम पर सेट से कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्होंने इस यात्रा को करीब से देखने का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सौभाग्य की बात है और फिल्म में पारिवारिक तत्वों की मजबूती की ओर भी इशारा किया।


उन्होंने लिखा, "मैंने अपने पति का सपना साकार होते देखा है, जिसमें कड़ी मेहनत और बिना सोए रातों का जज्बा शामिल है। कल दुनिया वो देखेगी, जो मैंने अब तक देखा है। अगर आपने 'दृश्यम' देखी है, तो आप जानते हैं कि परिवार के मामले में मेरे पति कितने गंभीर हैं।"


इस क्राइम थ्रिलर में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत भी शामिल हैं।


'दृश्यम 3: द कंक्लूजन' इस फ्रेंचाइजी की तीसरी और अंतिम कड़ी है, जो विजय सलगांवकर के परिवार और पुलिस के बीच के सस्पेंस और मानसिक खेल का समापन करेगी। यह फिल्म पिछले अनसुलझे रहस्यों, परिवार की सुरक्षा और पुलिस की अंतिम कोशिशों के इर्द-गिर्द घूमेगी।


इस बार, यह फिल्म किसी मलयालम रीमेक नहीं है, बल्कि इसकी एक मौलिक कहानी है जो सीरीज का अंत करेगी। विजय सलगांवकर को इस बार पुलिस और कानून के नए और खतरनाक चेहरों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें जयदीप अहलावत का किरदार भी शामिल है। फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अब देखना यह है कि दर्शक इसे किस तरह से स्वीकार करते हैं।