पेरू की नाज्का लाइन्स: क्या हैं ये रहस्यमयी आकृतियां?
पेरू की अनसुलझी पहेली
Nazca Lines (Image Credit-Social Media)
Nazca Linesपेरू की रहस्यमयी आकृतियां: इस धरती पर कई ऐसी पहेलियां हैं, जिनका समाधान आज तक नहीं हो पाया है। इनमें से एक है नाज्का लाइन्स, जिन्हें नास्का भी कहा जाता है। ये विशाल जियोग्लिफ्स (जमीन पर उकेरी गई आकृतियां) दक्षिण अमेरिका के पेरू के तटीय क्षेत्र में स्थित हैं। नाज्का संस्कृति के लोगों ने लगभग दो हजार साल पहले इन रेखाओं का निर्माण किया था। पेरू के तटीय मैदान में 800 से अधिक सीधी रेखाएं हैं, जिनमें से कुछ की लंबाई 30 मील (48 किलोमीटर) तक है। इसके अलावा, तीन सौ से अधिक ज्यामितीय आकृतियां भी हैं। नाज्का लाइन्स में लगभग 70 विभिन्न जानवरों और पौधों का चित्रण किया गया है, जैसे मकड़ी, हमिंग बर्ड, बंदर, व्हेल, लामा, बत्तख, छिपकली, फूल, कैक्टस और अन्य पेड़। इनमें से कुछ आकृतियों की लंबाई 1,200 फीट (370 मीटर) तक है। नाज्का लोगों ने कई अन्य आकृतियां भी बनाई हैं, जिनमें सबसे रहस्यमयी मानव आकृति अंतरिक्ष यात्री, हाथ और कुछ अज्ञात चित्र शामिल हैं।
80 वर्षों से अधिक समय तक अध्ययन के बावजूद, शोधकर्ता इन विशाल जियोग्लिफ्स के रहस्य को समझने में असफल रहे हैं। 1926 में इन आकृतियों का व्यवस्थित अध्ययन शुरू हुआ, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि इन रेखाओं का असली उद्देश्य खगोल विज्ञान और कैलेंडर से संबंधित था। हालांकि, 1970 के दशक में अमेरिकी खगोलशास्त्री गेराल्ड हॉकिन्स ने इन आकृतियों को एलियंस या प्राचीन अंतरिक्ष यात्रियों से जोड़ा। हाल के शोध से यह भी पता चला है कि नाज्का लाइन्स का संबंध पानी से था, जो देवताओं के लिए अनुष्ठान का एक हिस्सा हो सकता है। विभिन्न जानवरों के चित्रण इस सिद्धांत को समर्थन देते हैं।
(साभार ‘अमर उजाला ‘। लेखक साहित्यकार हैं।)
-गौरव कुमार