चीन के चिड़ियाघर में गधे को जेब्रा बनाने का अनोखा प्रयोग: जानें क्या है सच!
गधे को जेब्रा बनाने का विवादास्पद मामला
Donkey Painted as Zebra Viral Video 2026
Donkey Painted as Zebra Viral Video from China Zoo 2026गधे को जेब्रा बनाने का वीडियो: यदि आप प्रकृति के प्रेमी हैं और अद्वितीय जीवों को देखना पसंद करते हैं, तो चिड़ियाघर एक बेहतरीन स्थान हो सकता है। लेकिन हाल ही में चीन के एक वाइल्डलाइफ पार्क में एक अजीब घटना ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। पार्क प्रशासन ने एक साधारण गधे पर काली धारियां पेंट कर उसे जेब्रा जैसा दिखाने का प्रयास किया। पहले तो कुछ लोग भ्रमित हुए, लेकिन जल्द ही पर्यटकों ने इस 'नकली जेब्रा' की सच्चाई का पता लगा लिया। वीडियो वायरल होने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन की सफाई ने मामले को और भी दिलचस्प बना दिया। हालांकि, पशु प्रेमियों और विशेषज्ञों ने इस तरह के कार्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
चीन के वाइल्डलाइफ पार्क का अनोखा प्रयोग
यह घटना चीन के वेइफांग शहर के आनकियू वाइल्डलाइफ पार्क की है। वायरल वीडियो में एक गधा दिखाई देता है, जिस पर काले रंग की धारियां बनाई गई हैं। दूर से देखने पर वह जेब्रा जैसा प्रतीत होता है, लेकिन नजदीक से देखने पर उसकी असलियत स्पष्ट हो जाती है।
वीडियो के सामने आने के बाद, इंटरनेट पर लोगों ने पार्क प्रशासन का मजाक उड़ाया। कई यूजर्स ने इसे पर्यटकों को भ्रमित करने का प्रयास बताया, जबकि कुछ ने इसे सस्ते मनोरंजन का तरीका कहा।
'यह तो कॉसप्ले था'
विवाद बढ़ने पर पार्क के एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पार्क ने कभी यह नहीं कहा कि यह असली जेब्रा है।
उनके अनुसार, 'यह केवल जानवरों का कॉसप्ले था। हमने कहीं भी यह नहीं लिखा कि यह असली जेब्रा है। इसका उद्देश्य केवल लोगों का मनोरंजन करना था।'
कर्मचारियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे पहले भी कुछ जानवरों को अन्य जानवरों जैसा दिखाने के लिए रंग-रोगन कर चुके हैं।
पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं
यह पहली बार नहीं है जब चीन में किसी चिड़ियाघर पर जानवरों को रंगकर दूसरे जानवरों जैसा दिखाने का आरोप लगा हो।
पिछले वर्ष शैनडोंग प्रांत के एक पार्क में भी गधे को जेब्रा बनाकर प्रदर्शित करने का मामला सामने आया था। उस समय भी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी।
इसके अलावा, ताइझोउ जू में दो चाउ-चाउ नस्ल के कुत्तों को नारंगी और काले रंग से रंगकर बाघ जैसा बना दिया गया था। तस्वीरें वायरल होने के बाद लोगों ने इसे जानवरों के साथ क्रूरता बताया था।
उस समय चिड़ियाघर प्रशासन ने तर्क दिया था कि यदि सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाए तो इससे जानवरों को नुकसान नहीं होता। वहीं पशु अधिकार संगठनों ने इस दावे पर सवाल उठाए थे।
क्या जानवरों को पेंट करना सुरक्षित है?
पशु विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जानवर की त्वचा और बालों पर रासायनिक रंग लगाने से जोखिम पैदा हो सकता है।
जानवर अक्सर अपने शरीर को चाटते हैं, जिससे रंग उनके शरीर के अंदर पहुंच सकता है, जिससे एलर्जी, त्वचा संबंधी समस्याएं या अन्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जानवरों की प्राकृतिक पहचान बदलने की कोशिश उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि कई देशों में पशु कल्याण नियम इस तरह के प्रयोगों को लेकर सख्त हैं।
सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
एक यूजर ने लिखा, 'चीन अब डुप्लीकेट जेब्रा भी बनाने लगा है।'
दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, 'बिना बिजली और बिना पेट्रोल के चलने वाला नया मॉडल जेब्रा लॉन्च हो गया है।'
हालांकि, कई लोगों ने इसे मनोरंजक मानने के बजाय जानवरों के साथ गलत व्यवहार बताया। कुछ यूजर्स ने मांग की कि ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए और जानवरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मनोरंजन और पशु कल्याण के बीच संतुलन
हाल के वर्षों में दुनिया भर के चिड़ियाघरों पर दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नए प्रयोग करने का दबाव बढ़ा है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह का मनोरंजन जानवरों की भलाई से ऊपर नहीं होना चाहिए।
गधे को जेब्रा जैसा दिखाने की यह कोशिश भले ही कुछ लोगों को हास्यासद लगी हो, लेकिन इसने पशु कल्याण, नैतिकता और चिड़ियाघरों की जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग चीन के इस अनोखे 'जेब्रा प्रोजेक्ट' पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।