क्या है यौन आनंद का विज्ञान? जानें ऑर्गैज्म के पीछे की जटिलताएँ
यौन आनंद की परिभाषा
sexual pleasure science
sexual pleasure scienceयौन आनंद क्या है: ऑर्गैज्म, जिसे चरम अनुभूति कहा जाता है, केवल जननांगों में होने वाली कुछ क्षणिक प्रतिक्रियाओं से कहीं अधिक है। यह वास्तव में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, स्वायत्त तंत्रिका तंत्र, जननांगों की संवेदनाएँ, मांसपेशियों और विभिन्न रासायनिक संदेशवाहकों का एक समन्वित अनुभव है। इसमें आनंद, तनाव मुक्ति, लयबद्ध मांसपेशी संकुचन, ध्यान का संकुचन और फिर अचानक विश्राम शामिल होते हैं। ब्रेन मैपिंग अध्ययनों से यह स्पष्ट होता है कि ऑर्गैज्म एक ही ‘आनंद केंद्र’ का काम नहीं करता, बल्कि यह कई तंत्रों का संयुक्त अनुभव है। एक अध्ययन में महिलाओं के मस्तिष्क की गतिविधि उत्तेजना के साथ बढ़ती है, ऑर्गैज्म पर चरम पर पहुँचती है और फिर घट जाती है।
शरीर की प्रक्रिया क्या होती है?
शरीर की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है। यौन उत्तेजना के दौरान जननांगों में रक्त प्रवाह बढ़ता है। पुरुषों में इससे स्तंभन होता है, जबकि महिलाओं में भगशेफ और आसपास के ऊतकों में रक्त भरता है और योनि में चिकनाई बढ़ती है। हृदय गति और सांसें तेज हो जाती हैं, रक्तचाप बढ़ता है और शरीर की मांसपेशियों में तनाव बढ़ता है। जैसे-जैसे उत्तेजना चरम पर पहुँचती है, मस्तिष्क और रीढ़ से आने वाले संकेत श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों को लयबद्ध ढंग से संकुचित करते हैं। ऑर्गैज्म के समय ये संकुचन कुछ सेकंड के अंतराल पर होते हैं और इसके साथ तीव्र सुखानुभूति होती है।
ऑर्गैज्म के दौरान मस्तिष्क के सक्रिय क्षेत्र
ऑर्गैज्म के दौरान मस्तिष्क के कई हिस्से सक्रिय होते हैं। इनमें वेंट्रल टेगमेंटल एरिया, न्यूक्लियस अकम्बेंस, स्ट्रायटम और अन्य पुरस्कार-प्रेरणा तंत्र शामिल हैं। ये मस्तिष्कीय नेटवर्क भोजन, उपलब्धि, प्रेम, संगीत और नशीले पदार्थों से मिलने वाले पुरस्कार में भी भूमिका निभाते हैं। डोपामिन इस तंत्र का एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक है। यौन इच्छा और उत्तेजना के दौरान यह किसी व्यक्ति या गतिविधि को ‘महत्वपूर्ण पुरस्कार’ के रूप में चिह्नित करता है। यौन आनंद और ऑर्गैज्म की आधुनिक समीक्षा में डोपामिन, ऑक्सीटोसिन और शरीर के अपने ओपिऑइड तंत्र को विशेष महत्व दिया गया है।
शरीर के रसायनों की भूमिका
कई बार कहा जाता है कि ‘डोपामिन ही आनंद है’, लेकिन वास्तविकता अधिक जटिल है। डोपामिन यौन इच्छा, प्रेरणा और पुरस्कार की अपेक्षा में महत्वपूर्ण है। उत्तेजना के दौरान इसका पुरस्कार नेटवर्क सक्रिय रहता है। लेकिन ऑर्गैज्म केवल डोपामिन की एक बड़ी लहर नहीं है। ऑक्सीटोसिन के स्तर में यौन उत्तेजना और विशेष रूप से ऑर्गैज्म के आसपास वृद्धि के प्रमाण मिले हैं। यह सामाजिक जुड़ाव, स्पर्श, निकटता और स्वायत्त प्रतिक्रियाओं से भी जुड़ा है।
ऑर्गैज्म और नशे का संबंध
यह कहना कि ऑर्गैज्म ‘नशे जैसा’ है, गलत होगा। नशे और ऑर्गैज्म में समानता मुख्यतः मस्तिष्क के पुरस्कार तंत्र में है। यौन आनंद, स्वादिष्ट भोजन, संगीत, प्रेम, सफलता और कई नशीले पदार्थ सभी किसी न किसी रूप में ब्रेन के मेसोलीम्बिक डोपामिन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, प्राकृतिक यौन अनुभव में मस्तिष्क का पुरस्कार तंत्र सामान्य शारीरिक संकेतों, स्पर्श, संदर्भ, सामाजिक संबंध और शरीर की प्रतिक्रिया के जरिए सक्रिय होता है।
ऑर्गैज्म का अनुभव
ऑर्गैज्म के दौरान समय की अनुभूति बदलने या ‘खुद को भूल जाने’ जैसा अनुभव क्यों हो सकता है, इसका उत्तर पुरस्कार और प्रीफ्रंटल नियंत्रण के संतुलन में है। जब शरीर से आने वाली संवेदनाएँ और पुरस्कार तंत्र बहुत शक्तिशाली हो जाते हैं, तो योजनाबद्ध सोच और बाहरी वातावरण पर ध्यान कुछ क्षण के लिए पीछे चला जाता है।
ऑर्गैज्म का कोई एक ‘केंद्र’ नहीं होता
यदि ऑर्गैज्म का कोई एक ‘केंद्र’ बताना पड़े तो वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई एक केंद्र नहीं है। बेहतर तस्वीर यह है कि जननांगों से संवेदना आती है। रीढ़ उसे ऊपर भेजती है। संवेदी प्रांतस्था उसे पहचानती है। इंसुला शरीर की अनुभूति बनाती है। हाइपोथैलेमस और स्वायत्त तंत्र शारीरिक प्रतिक्रिया नियंत्रित करते हैं।