क्या सच में बहनें थीं मीना और मीनल? एक डीएनए परीक्षण ने खोला राज़!
एक अद्भुत कहानी का आरंभ
DNA Reunited Sisters
DNA Reunited Sistersएम्स्टर्डम/हेर्टोगेनबोश। कभी-कभी जीवन ऐसे रिश्तों को सामने लाता है जिनका सच इंसान को वर्षों तक नहीं पता चलता। भारत में शैशवावस्था में अलग-अलग अनाथालयों में छोड़ी गईं, बाद में नीदरलैंड्स के दो परिवारों ने उन्हें गोद लिया। किशोरावस्था में वे संयोगवश मिलीं, दोस्त बनीं और एक-दूसरे को मजाक में 'सिस' कहने लगीं। लगभग तीन दशक बाद एक डीएनए परीक्षण ने यह साबित कर दिया कि 43 वर्षीय मीना गेल्टिंक और 44 वर्षीय मीनल तिज्सेन वास्तव में सगी बहनें हैं।
पहली मुलाकात और अनजाना अपनापन
1996 में, दोनों किशोर थीं जब वे गोद लिए गए बच्चों के एक कार्यक्रम में मिलीं। पहली मुलाकात से ही उनके बीच एक अनोखा अपनापन था। आसपास के लोगों ने भी उनकी समानता पर ध्यान दिया। उन्होंने एक-दूसरे को चिट्ठियों में मजाक में 'सिस' कहना शुरू किया। उस समय किसी ने नहीं सोचा कि वे वास्तव में बहनें हो सकती हैं। उनके पास न तो जन्म से जुड़े दस्तावेज थे और न ही साझा रिश्तेदारों की जानकारी। यही इस कहानी का सबसे भावुक पहलू है—रिश्ता तो था, लेकिन पहचान नहीं थी।
15 वर्षों का संपर्क टूटना
कुछ समय तक संपर्क में रहने के बाद, दोनों ने अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ते हुए करीब 15 वर्षों तक एक-दूसरे से कोई संपर्क नहीं रखा। मीनल फ्रांस चली गईं, जबकि मीना नीदरलैंड्स में रहीं। मीना अब तीन बच्चों की मां हैं और मीनल अपने साथी और दो बेटों के साथ फ्रांस में रहती हैं। जीवन आगे बढ़ता रहा, लेकिन दोनों के भीतर अपने जैविक परिवार के बारे में जानने की एक कमी बनी रही।
एक संदेश ने बदल दी जिंदगी
अप्रैल 2026 में, मीनल ने MyHeritage DNA के माध्यम से अपना डीएनए परीक्षण कराया। एक दिन उन्हें फोन पर परिणाम मिला जिसमें मीना का नाम और 'सिस्टर' का संबंध लिखा था। परीक्षण ने दोनों के बीच 100 प्रतिशत पारिवारिक मैच दिखाया। मीनल को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने मीना को सोशल मीडिया पर खोजा, तब उन्हें अपने रिश्ते की पूरी कहानी समझ में आई।
100 प्रतिशत मैच का अर्थ
यहां एक वैज्ञानिक सावधानी जरूरी है। सामान्य व्यावसायिक डीएनए परीक्षण में '100 प्रतिशत मैच' का अर्थ यह नहीं होता कि दोनों का पूरा डीएनए समान है। सगे भाई-बहन औसतन लगभग आधा आनुवंशिक सामग्री साझा करते हैं। इसलिए यहां '100 प्रतिशत मैच' का मतलब है कि सेवा द्वारा उपलब्ध कराए गए रिश्तेदारी विश्लेषण में उन्हें सगी बहन के रूप में पहचान किया गया है।
भावुक पुनर्मुलाकात
डीएनए परीक्षण के परिणाम के बाद, दोनों की भावुक पुनर्मुलाकात 11 अगस्त 2026 को नीदरलैंड्स में हुई। यह पहली बार था जब उन्होंने एक-दूसरे को केवल पुरानी सहेली नहीं, बल्कि अपनी सगी बहन के रूप में देखा। मीना ने कहा कि वर्षों से उनके भीतर एक खालीपन था, जो अब पूरा हो गया है। मीनल ने कहा कि उन्हें देखकर ऐसा लगा जैसे वे घर लौट आई हैं।
क्या वे एक ही अनाथालय में थीं?
रायटर की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों को भारत में अलग-अलग अनाथालयों में छोड़ा गया था। इसलिए यह कहना गलत होगा कि वे एक ही अनाथालय से गोद ली गईं। यह कहानी के रहस्य को और गहरा बनाता है।
जन्म देने वाले परिवार का पता
रिपोर्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मीना और मीनल अपनी जैविक मां या अन्य रिश्तेदारों तक पहुंच चुकी हैं। फिलहाल, उनका आपसी रिश्ता सबसे बड़ा खुलासा है।
MyHeritage DNA की कार्यप्रणाली
MyHeritage जैसी सेवाएं गाल के अंदर की कोशिकाओं या लार के नमूनों से डीएनए विश्लेषण करती हैं। इसके बाद व्यक्ति के आनुवंशिक चिह्नों की तुलना कंपनी के डेटाबेस में मौजूद अन्य उपयोगकर्ताओं के नमूनों से की जाती है।
गोपनीयता का सवाल
व्यावसायिक कंपनियों को अपना डीएनए देने का मतलब है कि व्यक्ति अपनी निजी जैविक जानकारी साझा कर रहा है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ता यह समझें कि कंपनी उनके डेटा का कैसे उपयोग करती है।
गोद लिए बच्चों की पहचान
इस मामले का मानवीय पहलू यह है कि दोनों महिलाओं ने अपने दत्तक परिवारों से मिले प्रेम को कम नहीं आंका। मीनल ने कहा कि उन्हें डच माता-पिता से प्रेम मिला, लेकिन जैविक परिवार के बारे में न जानने से एक खालीपन महसूस होता था।
चेहरे की समानता
1996 में उनकी मुलाकात के दौरान दोस्तों ने उनकी चेहरे की समानता देखी थी। लेकिन केवल चेहरे के आधार पर जैविक संबंध सिद्ध नहीं किया जा सकता।
40 साल बाद मिलीं कहना भ्रामक
यह कहना कि '40 साल बाद बहनें मिलीं' थोड़ा भ्रामक है। वास्तव में, वे पहली बार 1996 में मिली थीं। 40 साल बाद जो मिला, वह रिश्ते की असली पहचान थी।
अब हर दिन बात करती हैं
अप्रैल में संबंध पता चलने के बाद से, दोनों ने बीते वर्षों की दूरी को तेजी से भरना शुरू कर दिया है। वे अब रोज घंटों फोन और संदेशों के जरिए संपर्क में रहती हैं।
एक डीएनए परीक्षण ने बदल दी कहानी
मीना और मीनल की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है। लेकिन यह वास्तविकता है। विज्ञान ने न केवल रिश्तेदारी साबित की, बल्कि उनकी पिछली यादों का अर्थ भी बदल दिया।