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क्या थर्मल रसीदें आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं? जानें BPA के प्रभाव

क्या थर्मल रसीदें आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं? बिस्फेनॉल ए (BPA) के प्रभावों पर शोध ने चिंता बढ़ा दी है। जानें BPA क्या है, यह कैसे काम करता है, और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। यूरोप और भारत में BPA पर लागू नियमों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करें। क्या आपको थर्मल रसीदें छूने से बचना चाहिए? इस लेख में सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
 

BPA का परिचय

BPA का पूरा नाम: जब आप सुपरमार्केट से सामान खरीदते हैं, तो आपको बिल मिलता है। पेट्रोल पंप पर भुगतान करते समय रसीद प्राप्त होती है। एटीएम से पैसे निकालने पर भी एक छोटी पर्ची निकलती है। हम इन सभी को सामान्य कागज़ समझते हैं। लेकिन थर्मल प्रिंटर से निकली कुछ रसीदों में "बिस्फ़ेनॉल ए" या BPA नामक रसायन हो सकता है। वैज्ञानिकों को चिंता है कि यह शरीर के हार्मोन के संकेतों में हस्तक्षेप कर सकता है। शोध से पता चला है कि रसीद का BPA हाथों पर लग सकता है और कुछ स्थितियों में त्वचा के माध्यम से शरीर में अवशोषित हो सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि रसीदें रोज़ संभालने वाले कैशियरों के पेशाब में BPA की मात्रा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक थी। एक अन्य प्रयोग में, हैंड सैनिटाइज़र लगाने के तुरंत बाद थर्मल रसीद पकड़ने और फिर खाना खाने से शरीर में BPA का स्तर तेजी से बढ़ा। यूरोपीय संघ ने जनवरी 2020 से थर्मल पेपर में BPA पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है, और दिसंबर 2024 में खाद्य संपर्क में आने वाली कई चीज़ों में भी। भारत में अक्टूबर 2025 में खाद्य पैकेजिंग को BPA-मुक्त बनाने के लिए नियम प्रस्तावित किए गए हैं.


BPA क्या है और इसका उपयोग कहाँ होता है?

BPA का पूरा नाम बिस्फ़ेनॉल ए है। यह एक औद्योगिक रसायन है (सूत्र C₁₅H₁₆O₂), जो कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना है। इसकी खोज 19वीं सदी के अंत में हुई थी, लेकिन इसका बड़े पैमाने पर उपयोग 20वीं सदी में शुरू हुआ, विशेषकर पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक और एपॉक्सी रेज़िन बनाने में। पॉलीकार्बोनेट एक मजबूत और पारदर्शी प्लास्टिक है, जिसका उपयोग पानी की बोतलों और अन्य टिकाऊ उत्पादों में किया जाता है। एपॉक्सी रेज़िन का उपयोग धातु के खाद्य डिब्बों की आंतरिक परत बनाने में किया जाता है, ताकि धातु में जंग न लगे और खाद्य सामग्री के साथ अनचाही प्रतिक्रिया न हो।


BPA का हार्मोन पर प्रभाव

हार्मोन बहुत कम मात्रा में बनते हैं, लेकिन उनके प्रभाव व्यापक होते हैं। इंसुलिन रक्त में शुगर का संतुलन बनाए रखता है, थायरॉयड हार्मोन चयापचय और विकास से संबंधित होते हैं, और एस्ट्रोजन-टेस्टोस्टेरोन प्रजनन सहित कई प्रक्रियाओं में कार्य करते हैं। यदि कोई बाहरी रसायन इन संकेतों की नकल करता है या उन्हें बाधित करता है, तो इसका प्रभाव गंभीर हो सकता है। ऐसे रसायनों को एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल कहा जाता है। BPA की हार्मोन से संबंधित सक्रियता के प्रमाण मिले हैं, और यह एस्ट्रोजन रिसेप्टर के साथ क्रिया कर सकता है। हालांकि, इसकी क्रिया प्राकृतिक एस्ट्रोजन जैसी नहीं है।


थर्मल रसीदें और BPA

थर्मल प्रिंटर सामान्य स्याही या टोनर का उपयोग नहीं करते। ये विशेष कागज़ पर गर्मी से अक्षर उभारते हैं। इस कागज़ की सतह पर ऐसे रसायन होते हैं जो निश्चित तापमान पर रंग बदलते हैं। थर्मल पेपर में BPA का उपयोग डेवलपर के रूप में किया गया है। हालांकि, हर थर्मल रसीद में BPA नहीं होता; कुछ में "बिस्फ़ेनॉल एस" (BPS) या अन्य डेवलपर का उपयोग किया जाता है।


कैशियरों में BPA का उच्च स्तर

कैशियर दिनभर रसीदें संभालते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि कैशियरों के पेशाब में BPA की मात्रा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक थी। हालांकि, यह साबित नहीं करता कि सभी कैशियर किसी बीमारी का शिकार होंगे।


सैनिटाइज़र और BPA

एक अध्ययन में पाया गया कि कुछ हैंड सैनिटाइज़र और त्वचा उत्पाद BPA के अवशोषण को बढ़ा सकते हैं। जब लोग सैनिटाइज़र लगाने के तुरंत बाद BPA वाली रसीदें पकड़ते हैं, तो BPA का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।


BPA का स्वास्थ्य पर प्रभाव

BPA के संपर्क से प्रजनन तंत्र, भ्रूण का विकास, प्रतिरक्षा तंत्र और चयापचय पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को BPA के संपर्क से स्वास्थ्य समस्याएं हों।


यूरोप में BPA पर प्रतिबंध

यूरोपीय संघ ने 2023 में BPA की स्वीकार्य दैनिक सेवन सीमा को 20,000 गुना कम कर दिया। यह निर्णय प्रतिरक्षा तंत्र पर BPA के संभावित प्रभावों के आधार पर लिया गया था।


भारत में BPA की स्थिति

भारत में BPA के स्वास्थ्य खतरों पर चर्चा बढ़ रही है। FSSAI ने 2025 में खाद्य-संपर्क सामग्री को BPA-मुक्त बनाने के लिए नियम प्रस्तावित किए हैं।


BPA से बचने के उपाय

उपभोक्ताओं के लिए सबसे आसान उपाय है कि वे अनावश्यक थर्मल रसीदें न लें। हाथों की सफाई भी महत्वपूर्ण है।