क्या आपके घर के लिए RO पानी प्यूरीफायर सही है? जानें इसके फायदे और नुकसान!
RO पानी प्यूरीफायर का परिचय
RO Water Purifier Benefits| RO Water Purifier Disadvantages | Health Newstrack Hindi
RO Water Purifier Benefits| RO Water Purifier Disadvantages | Health Newstrack HindiRO पानी प्यूरीफायर की जानकारी: आज के समय में भारत के कई घरों में आरओ (RO) प्यूरीफायर का उपयोग हो रहा है, जो एक दक्षिण भारतीय वैज्ञानिक श्रीनिवासा सौरिराजन द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित है। 1950 के दशक में, उन्होंने अमेरिका की UCLA यूनिवर्सिटी में सिडनी लोएब के साथ मिलकर पहली व्यावहारिक RO झिल्ली बनाई। इससे पहले, यह प्रक्रिया केवल प्रयोगशाला में ही सीमित थी। उनकी खोज ने समुद्री जल को पीने योग्य बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।
RO कैसे कार्य करता है?
सामान्य ऑस्मोसिस में पानी कम घुलित पदार्थों से अधिक घुलित पदार्थों की ओर बढ़ता है। RO प्रक्रिया में, हम नमकीन पानी पर पंप से दबाव डालते हैं, जिससे पानी साफ़ तरफ़ चला जाता है और नमक तथा अन्य घुली हुई चीज़ें पीछे रह जाती हैं।
यह झिल्ली एक साधारण छन्नी नहीं है, इसके छिद्र 0.0001 माइक्रोन के होते हैं, जो इंसानी बाल की मोटाई से कई लाख गुना छोटे हैं। पानी के अणु निकल जाते हैं, जबकि बड़े अणु और हाइड्रेटेड आयन रुक जाते हैं।
RO पानी से क्या हटाया जाता है?
RO की सबसे बड़ी ताकत घुली हुई चीज़ों को हटाने में है। यह आमतौर पर 90 से 99 प्रतिशत घुले हुए लवणों को निकाल देता है। इसके अलावा, यह भारी धातुओं और ज़हरीले तत्वों जैसे सीसा, पारा और फ्लोराइड को भी प्रभावी ढंग से हटा देता है।
हालांकि, कुछ सूक्ष्मजीवों को रोकने के लिए UV चरण जोड़ा जाता है, क्योंकि झिल्ली में छोटी दरारें रोगाणुओं को बाहर जाने की अनुमति दे सकती हैं।
RO क्या नहीं हटाता?
कुछ लोग मानते हैं कि RO हर चीज़ को हटा देता है, लेकिन यह सच नहीं है। घुली हुई गैसें जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और कुछ छोटे कार्बनिक रसायन झिल्ली से आसानी से गुजर जाते हैं।
इसके अलावा, आर्सेनिक के दो रूप होते हैं, और RO केवल एक रूप को रोकता है।
RO के फायदे और नुकसान
RO का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह उपयोगी खनिजों को भी हटा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक खनिज-रहित पानी पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
हालांकि, संतुलित आहार लेने वालों के लिए यह चिंता का विषय नहीं है। कई प्यूरीफायरों में मिनरल कार्ट्रिज या TDS कंट्रोलर होते हैं, जो पानी में आवश्यक खनिजों को बनाए रखते हैं।
RO का उपयोग कहाँ होता है?
भारत में, घरेलू RO प्यूरीफायर का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। वहीं, समुद्री पानी के विलवणीकरण में भी RO तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है।
सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में, जहां मीठे पानी के स्रोत कम हैं, RO संयंत्रों का उपयोग बढ़ रहा है।
RO की पर्यावरणीय प्रभाव
हालांकि RO तकनीक फायदेमंद है, लेकिन यह पानी की बर्बादी का कारण बनती है। पुराने मॉडल में एक लीटर साफ़ पानी के लिए तीन से चार लीटर पानी बर्बाद होता है।
इसके अलावा, बिजली की खपत और रखरखाव की लागत भी एक मुद्दा है।
क्या आपको RO की आवश्यकता है?
आपके घर के पानी की गुणवत्ता के आधार पर यह तय किया जा सकता है। यदि आपके क्षेत्र का पानी खारा है या उसमें फ्लोराइड और आर्सेनिक जैसी समस्याएँ हैं, तो RO उपयोगी हो सकता है।
लेकिन यदि आपका पानी पहले से ही साफ़ है, तो UV या UF जैसी तकनीकें बेहतर विकल्प हो सकती हैं।