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क्या आप जानते हैं? 2026 से LPG रिफिल के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा!

एक अक्तूबर 2026 से घरेलू LPG रिफिल के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। इस बदलाव के तहत, उपभोक्ताओं को प्रमाणीकरण न कराने पर बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर लेने का विकल्प दिया जाएगा। जानें इस प्रक्रिया के सभी पहलुओं और सरकार के निर्देशों के बारे में।
 

महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी

LPG Aadhaar Authentication

LPG Aadhaar Authentication

लखनऊ। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक अक्तूबर 2026 से एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी रिफिल के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) अनिवार्य होगा। लखनऊ में लगभग 15 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं का प्रमाणीकरण हो चुका है। हालांकि, लगभग 1.50 लाख उपभोक्ता अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक प्रमाणीकरण पूरा करने का समय दिया गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें 19 किलो का 'कमर्शियल सिलिंडर' खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी, जैसा कि पहले बताया गया था। सरकार ने कहा है कि ऐसे उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी वाले 5 या 10 किलो के सिलिंडर लेने का विकल्प दिया जाएगा।


बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 19 सितंबर को एक आधिकारिक सूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि एक अक्तूबर 2026 से घरेलू एलपीजी उपभोक्ता तभी रिफिल बुक कर सकेंगे जब उनका बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका होगा। 19 सितंबर तक, देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं में से 89.9 प्रतिशत ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली थी। ऐसे उपभोक्ताओं को अब दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उनके लिए रियायती घरेलू रिफिल की बुकिंग प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद ही सक्रिय होगी।


केवाईसी न कराने पर क्या होगा?

इस बदलाव को लेकर सबसे अधिक भ्रम इस बात पर है कि 30 सितंबर तक केवाईसी न कराने पर घरेलू उपभोक्ता को 19 किलो का महंगा व्यावसायिक सिलिंडर खरीदना पड़ेगा। मंत्रालय की आधिकारिक सूचना ऐसा नहीं कहती। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करने वाले उपभोक्ता नियमित घरेलू रिफिल ले सकेंगे। वहीं, जो उपभोक्ता प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते, उनकी एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं होगी। उन्हें 5 या 10 किलो का सिलिंडर बाजार मूल्य पर उपलब्ध कराया जाएगा।


सरकार का सब्सिडी पर दृष्टिकोण

सरकार ने बताया है कि हर सामान्य घरेलू उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि जमा होना और घरेलू एलपीजी को लागत से कम मूल्य पर उपलब्ध कराना दो अलग बातें हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2026 में सरकारी तेल कंपनियां 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर उपलब्ध कराने में औसतन करीब 210 रुपये प्रति सिलिंडर का अप्रत्यक्ष भार वहन कर रही थीं।


बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण का महत्व

सरकार का तर्क है कि बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण से फर्जी कनेक्शनों की पहचान करना आसान होगा। यह घरेलू दर पर लिए गए सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने में भी मदद करेगा। मंत्रालय ने इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सब्सिडी और मूल्य सहायता को अधिक पारदर्शी बनाना बताया है।


प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल

उपभोक्ताओं के लिए प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उपभोक्ता सिलिंडर की होम डिलीवरी के समय प्रमाणीकरण करा सकते हैं, या अपने एलपीजी वितरक के शोरूम पर जाकर भी इसे पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, मोबाइल एप के माध्यम से भी प्रमाणीकरण किया जा सकता है।


समय सीमा और अंतिम मौका

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अचानक शुरू नहीं हुई है। तेल कंपनियों ने अक्टूबर 2023 से इसके लिए अभियान चलाया है। पहले समय सीमा 30 जून 2026 थी, जिसे कई बार बढ़ाया गया। अब एक अक्तूबर से नई व्यवस्था लागू होगी।


उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए विशेष ध्यान

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए आधार प्रमाणीकरण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें प्रत्यक्ष सब्सिडी मिलती है। नई प्रमाणीकरण व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह राशि वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।


कीमतों में सावधानी बरतें

लखनऊ में 14.2 किलो घरेलू सिलिंडर की कीमत लगभग 979.50 रुपये है, जबकि 19 किलो व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत करीब 2,870 रुपये है। एलपीजी की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए इन्हें स्थायी दर नहीं माना जाना चाहिए।