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क्या है विक्रम भट्ट की नई हॉरर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: एकोस ऑफ द पास्ट' में? जानें रिलीज डेट और खास बातें!

विक्रम भट्ट की नई हॉरर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: एकोस ऑफ द पास्ट' 12 जून को रिलीज होने जा रही है। फिल्म का पहला मोशन पोस्टर जारी किया गया है, जिसने दर्शकों में उत्सुकता बढ़ा दी है। इस फिल्म में मिमोह चक्रवर्ती, चेतना पांडे और अन्य कलाकार शामिल हैं। जानें फिल्म की खास बातें और इसके निर्माण की जानकारी।
 

विक्रम भट्ट की नई हॉरर फिल्म का आगाज़


मुंबई, 21 अप्रैल। प्रसिद्ध हॉरर फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट, जिन्होंने '1920', 'हॉन्टेड 3डी' और 'शापित' जैसी चर्चित फिल्में बनाई हैं, अब अपनी नई हॉरर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: एकोस ऑफ द पास्ट' के साथ लौट रहे हैं।


फिल्म के निर्माताओं ने इसे 12 जून को रिलीज करने का निर्णय लिया है, और इसी के साथ फिल्म का पहला मोशन पोस्टर भी जारी किया गया है। इस पोस्टर ने दर्शकों में उत्सुकता बढ़ा दी है, क्योंकि विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्में हमेशा से दर्शकों को डराने में सफल रही हैं।


'हॉन्टेड 3डी: एकोस ऑफ द पास्ट' का मोशन पोस्टर भारतीय निर्माता आनंद पंडित द्वारा साझा किया गया है। इस पोस्टर को एआई तकनीक की मदद से डरावना बनाने का प्रयास किया गया है। शुरुआत में एक कांच के गोले का दृश्य है, जिसके बाद अचानक एक डरावनी गुड़िया का चेहरा सामने आता है। पोस्टर में मिमोह चक्रवर्ती की झलक भी देखने को मिलती है।


फिल्म में मिमोह चक्रवर्ती के साथ-साथ चेतना पांडे, श्रुति प्रकाश, गौरव बाजपेयी, प्रणीत भट्ट और हेमंत पांडे भी नजर आएंगे।


इस फिल्म का निर्माण आनंद पंडित, राकेश जुनेजा और प्रोमोएज मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर किया है, जबकि निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया है।


'हॉन्टेड 3डी: एकोस ऑफ द पास्ट' काफी समय से रिलीज का इंतजार कर रही है। पहले इसे 21 नवंबर, 2025 को रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी तारीख को 30 जनवरी 2026 और फिर 6 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। अब, मेकर्स ने इसे 12 जून को रिलीज करने का निर्णय लिया है।


यह फिल्म भट्ट और मिमोह चक्रवर्ती के लिए एक खास प्रोजेक्ट है, क्योंकि दोनों ने 2011 में आई 'हॉन्टेड 3डी' में साथ काम किया था। इस बार चक्रवर्ती के साथ अन्य कलाकार भी होंगे। फिल्म को 3डी में रिलीज किया जाएगा, और इसके कुछ हिस्सों को दोबारा शूट किया गया है। सितंबर में टीजर जारी करते हुए विक्रम भट्ट ने बताया था कि फिल्म के कुछ दृश्य असली लोकेशनों पर फिल्माए गए हैं। शूटिंग 12 दिनों तक चली थी, लेकिन फिल्म के अधिकांश हिस्से को वीएफएक्स तकनीक की मदद से तैयार किया गया है।