☰
×

विशाल भारद्वाज का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में समर्थन: क्या है मामला?

फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज ने हाल ही में मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर समर्थन देना व्यक्तिगत निर्णय है। इस दौरान शबाना आजमी और अन्य बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपनी आवाज उठाई। जानें इस आंदोलन का पूरा मामला और क्या है इसके पीछे की कहानी।
 

विशाल भारद्वाज का समर्थन प्रदर्शन में शामिल होना

मुंबई, 3 अक्टूबर। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज हाल ही में मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाना था। मीडिया से बातचीत करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर समर्थन देना व्यक्तिगत निर्णय है।


निर्देशक का बयान

विशाल ने कहा कि उन्हें इस प्रदर्शन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन वे अपना समर्थन देने के लिए वहां उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि किसी के साथ क्या हुआ है। मैं केवल समर्थन देने आया हूं। बॉलीवुड को इस मुद्दे पर समर्थन करना चाहिए या नहीं, यह हर किसी की व्यक्तिगत पसंद है। मैं बॉलीवुड का हिस्सा हूं, लेकिन अन्य लोग सोच सकते हैं कि बड़े सितारों को आगे आना चाहिए। यह सबकी अपनी राय है। अगर किसी को लगता है कि जो हो रहा है वह गलत है, तो उन्हें समर्थन में बाहर आना चाहिए।"


अन्य हस्तियों की भागीदारी

इस विरोध प्रदर्शन में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां जैसे शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और गायक-Composer विशाल ददलानी भी शामिल हुए।


प्रदर्शन का उद्देश्य

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। इसके साथ ही, वोटर लिस्ट से जुड़ी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने की भी मांग की गई। हालांकि, चुनाव आयोग ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का उद्देश्य डुप्लीकेट, मृत या अयोग्य वोटरों को हटाना था।


शबाना आजमी का बयान

प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी ने कहा, "हमारा वोट हमारा अधिकार है। यह हमारी आवाज है। जब हमसे हमारा अधिकार छीन लिया जाता है, तो हम क्या करेंगे? हम विरोध करेंगे। यह हमारा अधिकार है। आज चारों ओर देखिए, यह लोकतंत्र की जीत है, क्योंकि हमने अपनी ताकत को पहचाना है। हमारे संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है, तो आप सभी को बधाई।"