क्या आप तैयार हैं 'आनंदम' के लिए? शान, सोनू निगम और शंकर महादेवन देंगे भक्ति का अनोखा अनुभव!
भक्ति संगीत का अनूठा अनुभव 'आनंदम'
मुंबई, 27 मई। भारतीय संगीत के दिग्गज शान, सोनू निगम और शंकर महादेवन एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में एक साथ नजर आने वाले हैं। इस कार्यक्रम का नाम 'आनंदम: द सिम्फनी ऑफ डिवोशन' रखा गया है, जिसे भारत का सबसे बड़ा भक्ति संगीत अनुभव माना जा रहा है।
इस आयोजन का नेतृत्व प्रसिद्ध संगीतकार शंकर महादेवन करेंगे। 'आनंदम' एक ऐसा मंच है, जहां भक्ति, संगीत, रोशनी और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
इस कार्यक्रम में शंकर महादेवन के अलावा, सोनू निगम और शान भी अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे।
इसके अतिरिक्त, नंदी सिस्टर्स, निखार जुनेजा, सिद्धार्थ महादेवन, हिमानी ठाकुर, शिवम महादेवन और डीजे आफ्टरऑल जैसे कई अन्य कलाकार भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
शंकर महादेवन ने इस आयोजन के बारे में कहा, "'आनंदम' मेरे दिल के करीब है और यह मेरा सपना भी रहा है। मैं हमेशा से ऐसा कार्यक्रम बनाना चाहता था, जिसमें भक्ति केवल सुनने तक सीमित न रहे, बल्कि लोग इसे अनुभव भी कर सकें। इस आयोजन का उद्देश्य दर्शकों को संगीत और भावनाओं के माध्यम से एक अलग दुनिया में ले जाना है। इतने बेहतरीन कलाकारों का एक साथ आना इस यात्रा को और भी खास बनाता है।"
यह भव्य कार्यक्रम मुंबई में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि यह दर्शकों के लिए एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे। मंच सजावट, रोशनी और संगीत को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है, ताकि लोग भक्ति के माहौल में पूरी तरह से डूब सकें।
इस कार्यक्रम से जुड़ी कंपनी 'ड्रीमसेटगो' के सह-संस्थापक मनीष शाह ने कहा, "हमारी कंपनी हमेशा ऐसे अनुभव तैयार करने में विश्वास रखती है, जो लोगों की भावनाओं से सीधे जुड़ सकें। 'आनंदम' में भक्ति संगीत को आधुनिक तकनीक और शानदार प्रस्तुति के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि हर उम्र के लोग इससे जुड़ाव महसूस कर सकें। यह कार्यक्रम संगीत, अध्यात्म और सामूहिक ऊर्जा का अद्भुत संगम होगा।"
जियो क्रिएटिव लैब्स के प्रमुख आदित्य भट्ट ने कहा, "'आनंदम' को एक सपने की तरह तैयार किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों के मन और आत्मा को छूना है। कार्यक्रम में ध्वनि, रोशनी और भावनाओं का ऐसा मेल देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को भीतर तक प्रभावित करेगा। यह एक पवित्र सभा की तरह होगा, जहां संगीत के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव होगा।"