अमिताभ बच्चन ने पुरानी परंपराओं पर उठाए सवाल, क्या हैं उनके पीछे के तर्क?
अमिताभ बच्चन का ब्लॉग: परंपराओं पर सवाल
मुंबई, 27 अक्टूबर। मेगास्टार अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग के माध्यम से अक्सर अपने विचार साझा करते हैं। हाल ही में, उन्होंने पुरानी परंपराओं और अंधविश्वासों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोग बिना समझे ही मान्यताओं को अपनाते जा रहे हैं। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में यह भी बताया कि समय के साथ इंसान की इच्छाएं और जीवन के प्रति दृष्टिकोण कैसे बदलता है।
उन्होंने लिखा, "कभी-कभी मन की सुनना और कुछ चीजों से दूर रहना जरूरी होता है। लेकिन एक ऐसा समय भी आता है जब आप वही सब करना चाहते हैं, जिसे करने से आपको रोका गया है।"
अभिनेता ने आगे कहा, "पहले हम बेफिक्र थे और अब फिर से बेफिक्र हो गए हैं। क्या यह जीवन का चक्र नहीं है? दिमाग ये सब क्यों तय करता है?"
अमिताभ ने उदाहरण देते हुए बताया कि शनिवार को नाखून न काटने और हरे पत्थर की जगह हरी शॉल रखने जैसी मान्यताओं के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, "शनिवार को नाखून मत काटो, यह अशुभ होता है। यह प्रथा चली आ रही है, लेकिन क्या यह सच में सही है?"
उन्होंने यह भी कहा, "उस बेचारे पत्थर ने आपका क्या बिगाड़ा है? और यह हरी शॉल कैसे लाभदायक हो सकती है?"
अमिताभ ने इस बात पर जोर दिया कि आज के लोग मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए पुरानी प्रथाओं को नए तरीके से अपनाने लगे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नई पीढ़ी आंख बंद करके किसी प्रथा को नहीं मानती, बल्कि वे केवल उन्हीं प्रथाओं को अपनाते हैं जिनका कोई वैज्ञानिक या मानसिक लाभ हो।