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हरियाणवी गाने 'टटीरी' पर बादशाह की मुश्किलें बढ़ीं, क्या होगा अगला कदम?

हरियाणवी गाने 'टटीरी' को लेकर रैपर बादशाह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने उन्हें जांच में सहयोग न करने पर गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा है कि यदि बादशाह विदेश भागने की कोशिश करते हैं, तो उनका पासपोर्ट भी जब्त किया जा सकता है। इस मामले में शिकायतकर्ता और आयोग की अध्यक्ष ने सख्त कदम उठाने की बात कही है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
 

बादशाह के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज


चंडीगढ़, 13 मार्च। हरियाणवी गाने 'टटीरी' को लेकर प्रसिद्ध रैपर और गायक बादशाह के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि यदि बादशाह जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उनका पासपोर्ट भी जब्त किया जाएगा, ताकि वह विदेश भाग न सकें।


आयोग ने बादशाह को पूछताछ के लिए समन भेजा था, जिसमें उन्हें शुक्रवार को दोपहर तीन बजे पानीपत में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। लेकिन जब वह समय पर नहीं पहुंचे, तो आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि पानीपत और पंचकुला पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर बादशाह को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। इसके साथ ही, पूरे राज्य में यह सूचना दी गई है कि जब तक बादशाह आयोग के सामने पेश नहीं होते, तब तक हरियाणा में उनके किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।


आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान यह संदेह हो कि बादशाह विदेश भागने की कोशिश कर सकते हैं, तो पुलिस उनका पासपोर्ट भी जब्त कर सकती है। यह मामला गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


दूसरी ओर, बादशाह के वकील आयोग के सामने पेश हुए, लेकिन अध्यक्ष ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि समन सीधे बादशाह को भेजा गया है और उन्हें खुद आयोग के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।


बादशाह के वकील ने मीडिया से कहा कि उन्हें महिला आयोग की ओर से एक निश्चित समय दिया गया था। हालांकि, बादशाह ने पहले ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी थी और कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।


इस मामले में शिकायतकर्ता सविता आर्या ने भी मीडिया से बात की। वह पानीपत की 'नारी तू नारायणी उत्थान समिति' की अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि आयोग की अध्यक्ष ने बादशाह के वकील से मिलने से साफ इनकार कर दिया था। अगर बादशाह समय पर आयोग के सामने आ जाते, तो विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता था।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब हरियाणा पुलिस ने बादशाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, गाने के वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी लड़कियों को हरियाणा रोडवेज की बस में नाचते हुए दिखाया गया है, जिसमें कुछ आपत्तिजनक इशारे और शब्द शामिल हैं। इसी आधार पर पुलिस ने बादशाह के खिलाफ मामला दर्ज किया और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।


सविता आर्या के अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता शिव कुमार भी हैं, जो शिव आरती इंडिया फाउंडेशन के निदेशक हैं। उनका आरोप है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द और संदर्भ महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को गलत तरीके से पेश करते हैं। ऐसे गाने समाज में गलत संदेश देते हैं और युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।


इस मामले को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी गंभीरता से लिया है और राज्य सरकार को पत्र लिखा है। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि बादशाह के गाने में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और दृश्य दिखाए गए हैं। गाने में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी छात्राओं को अनुचित तरीके से दिखाया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों का अपमान होता है।


उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि बादशाह के किसी भी प्रस्तावित कार्यक्रम को राज्य में आयोजित करने की अनुमति न दी जाए।


आयोग का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना आवश्यक है और इस मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।