विश्व हिंदी दिवस: सिनेमा में हिंदी साहित्य का अद्भुत योगदान
हिंदी साहित्य और सिनेमा का अनूठा संबंध
मुंबई, 10 जनवरी। आज विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जो हिंदी भाषा की वैश्विक पहचान और उसके महत्व को उजागर करता है। हिंदी साहित्य ने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया है, और कई प्रसिद्ध उपन्यासों पर आधारित फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई हैं। ये फिल्में प्रेम, समाज, इतिहास और मानवीय भावनाओं की गहरी कहानियों को प्रस्तुत करती हैं।
शतरंज के खिलाड़ी: सत्यजीत रे द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1977 में रिलीज हुई थी, जो मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास 'शतरंज के खिलाड़ी' पर आधारित है। यह कहानी 1856 में लखनऊ में वाजिद अली शाह के शासनकाल की है, जहां दो जागीरदार शतरंज में लिप्त रहते हैं और अंग्रेजों के कब्जे से अनजान होते हैं। इस फिल्म में संजीव कुमार और सईद जाफरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
चित्रलेखा: केदार शर्मा द्वारा निर्देशित यह पीरियड ड्रामा भगवती चरण वर्मा के 1934 के उपन्यास 'चित्रलेखा' पर आधारित है। 1964 में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी मौर्य साम्राज्य में बीजगुप्त और नृत्यांगना चित्रलेखा के प्रेम की है, जिसमें योगी कुमारगिरि भी शामिल हैं। अशोक कुमार, प्रदीप कुमार और मीना कुमारी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
पति पत्नी और वो: बासु चटर्जी की 1978 में आई इस कॉमेडी-ड्रामा का आधार कमलेश्वर के उपन्यास 'पति, पत्नी और वो' है। फिल्म में संजीव कुमार, विद्या सिन्हा और रंजीता ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह एक त्रिकोणीय प्रेम कहानी है, जो कॉमेडी और भावनाओं से भरी हुई है और सामाजिक रिश्तों पर व्यंग्य करती है।
नदिया के पार: गोविंद मूनिस द्वारा निर्देशित यह रोमांटिक-ड्रामा फिल्म केशव प्रसाद मिश्र के उपन्यास 'कोहबर की शर्त' पर आधारित है। 1982 में रिलीज हुई इस फिल्म में सचिन पिलगांवकर और साधना सिंह ने लीड रोल निभाए हैं। इसकी सादगी और संगीत ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
तमस: यह फिल्म साहित्यकार भीष्म साहनी के साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता उपन्यास 'तमस' पर आधारित है। गोविंद निहलानी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1988 में रिलीज हुई थी और 1947 के विभाजन के दौरान सांप्रदायिक दंगों की क्रूर सच्चाई को दर्शाती है। ओम पुरी और दीपा साही ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
सूरज का सातवां घोड़ा: श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित यह फिल्म धर्मवीर भारती के उपन्यास 'सूरज का सातवां घोड़ा' पर आधारित है। 1992 में रिलीज हुई इस फिल्म में रजित कपूर, नीना गुप्ता और अमरीश पुरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह प्रेम, यादों और जीवन की जटिलताओं की बहुस्तरीय कहानी है।
मोहल्ला अस्सी: चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा निर्देशित यह फिल्म काशीनाथ सिंह के उपन्यास 'काशी का अस्सी' पर आधारित है। यह बनारस के अस्सी घाट की सामाजिक-राजनीतिक कहानी है। फिल्म में सनी देओल, साक्षी तंवर और रवि किशन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म 2018 में रिलीज हुई और विवादों में रही।
पिंजर: चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा निर्देशित यह फिल्म अमृता प्रीतम के उपन्यास 'पिंजर' पर आधारित है। यह 1947 के विभाजन के दौरान एक हिंदू लड़की पूरो के अपहरण और उसकी संघर्षपूर्ण कहानी को दर्शाती है। फिल्म में उर्मिला मातोंडकर, मनोज बाजपेयी और संजय सूरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म महिलाओं की पीड़ा और मानवता की खोई हुई भावनाओं को उजागर करती है और 2003 में रिलीज हुई थी।